
Monsoon Update। फोटो पत्रिका
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून की भारी बारिश से कई राज्यों का जनजीवन बेहाल हो गया है। महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उतराखंड, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश और मध्य प्रदेश में लगातार भारी बारिश से लैंडस्लाइड, नदियों में बाढ़ और जलभराव की परेशानी बढ़ गई है। सबसे ज्यादा हालात महाराष्ट्र में मुंबई समेत आस-पास क्षेत्रों में खराब हुए हैं। इधर, मौसम विभाग ने अगले 3 दिन के लिए मध्य भारत (छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात आदि) में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना का अलर्ट जारी किया है।
वहीं, दक्षिण-पूर्वी झारखंड और उत्तरी उड़ीसा के आसपास बने अवदाब (डिप्रेशन) के प्रभाव से राजस्थान में मानसून सक्रिय है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अगले चार से पांच दिन तक बारिश का दौर जारी रहेगा। केन्द्र के अनुसार 9 जुलाई के बीच उदयपुर, कोटा संभाग और आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश होने की संभावना है। वहीं 10 जुलाई से भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर, जयपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग के कई इलाकों में मेघगर्जन के साथ मध्यम से तेज बारिश हुई। कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी राजस्थान में भी मानसून की गतिविधियां तेज होंगी। जोधपुर और बीकानेर संभाग में अगले दो-तीन दिन हल्की से मध्यम बारिश तथा 7 और 8 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में मुंबई के विक्रोली में 250 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। गुजरात के अमरेली जिले के राजुला तालुका में 11 इंच बारिश से घातरवाडी नदी उफान पर है। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में बालमदेही नदी में बाढ़ आई, श्रद्धालु फंस गए जिन्हें रेस्क्यू किया गया। हिमाचल केचंबा में चलती कार पर पत्थर गिरने से 14 वर्षीय दीक्षिता की मौत हो गई। कुल्लू में पागल नाले में बाढ़ व भारी मलबा बहकर आने से हाईवे बाधित हुआ। वहीं जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में लैंडस्लाइड से कई गाड़ियां मलबे में दब गईं। इसी प्रकार से उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में लगातार बारिश के बाद अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।
भारी बारिश के चलते सोमवार को सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी कर दी गई। निजी कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी गई है। मुंबई एयरपोर्ट पर 20 के करीब उड़ानें रद्द हुई और 217 उड़ानों में घंटों की देरी हुई। मुंबई से अप-डाउन की रेल सेवा भी प्रभाावित हुई है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और रेल रूट पर लैंडस्लाइड से यातायात ठप हो गया। महाबलेश्वर में वेण्णा नदी का पुल टूटने से पर्यटक फंस गए। बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है।
देश के सभी राज्य व प्रदेशों तक पहुंचे मानसून की उत्तरी सीमा पिछले 5 दिनों से जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और भटिंडा के आसपास अटकी हुई है। हालांकि मानसून की भरपूर बाारिश का इंतजार कर रहे पश्चिम राजस्थान समेत पंजाब-हरियाणा व गुजरात के शेष क्षेत्रों में प्री-मानसून की बारिश से राहत बरस रही है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की देरी के चलते देशभर में जून माह सूखा चला गया था। जुलाई के पहले हफ्ते में देशभर में सामान्य से 11 प्रतिशत अतिरिक्त बारिश होने से राहत मिली है।
Updated on:
07 Jul 2026 07:31 am
Published on:
07 Jul 2026 07:31 am
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