Mahayuti Seat Sharing Dispute: सीटों के फॉर्मूले को लेकर एकनाथ शिंदे की नाराजगी की खबरें सामने आने के बाद भाजपा नेतृत्व एक्शन मोड में आ गया है। गतिरोध दूर करने के लिए बीती रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के वर्षा निवास पर भाजपा की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।
महाराष्ट्र में विधान परिषद की 17 सीटों के लिए चुनावी बिगुल बजते ही राज्य की राजनीति गरमा गई है। 25 मई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर खींचतान तेज हो गई है। इस साल जिन 17 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें भाजपा (BJP) के पास सबसे ज्यादा सात सीटें हैं, जबकि शिवसेना के खाते में पांच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के पास तीन और कांग्रेस के पास दो सीटें हैं। हालांकि बदले राजनीतिक समीकरणों के चलते भाजपा अपने सहयोगी दलों पर हावी होती दिख रही है। बीजेपी ने इस बार 12 सीटों पर दावा ठोक दिया है। हालांकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना सात सीटों की मांग पर अड़ी हुई है। वहीं सुनेत्रा पवार की एनसीपी भी कम से कम तीन सीटें चाहती है, जिसमें रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग जैसी अहम सीट शामिल है।
महायुति के भीतर बढ़ती नाराजगी की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के अंदर सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत जारी है और जल्द ही रास्ता निकल जाएगा। उन्होंने बताया कि नासिक और छत्रपति संभाजीनगर सीटों को लेकर शिवसेना से चर्चा चल रही है, जबकि पुणे सीट को लेकर एनसीपी के साथ बातचीत हो रही है। फडणवीस ने भरोसा जताया कि महायुति आपसी सहमति से सारे गतिरोध खत्म कर लेगी।
इसी बीच खबरें सामने आई हैं कि सीट बंटवारे के फॉर्मूले को लेकर एकनाथ शिंदे नाराज हैं। उनकी नाराजगी दूर करने के लिए बीजेपी ने अंदरखाने कवायद तेज कर दी है। देर रात मुख्यमंत्री फडणवीस की मौजूदगी में उनके वर्षा निवास पर बीजेपी की अहम बैठक हुई। बैठक में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले भी मौजूद थे। अब कहा जा रहा है कि शिंदे को मनाने की जिम्मेदारी इन दोनों दिग्गजों को सौंपी गई है और दोनों जल्द ही शिंदे से मुलाकात करेंगे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले महायुति में बीजेपी 12, शिवसेना 3 और एनसीपी 2 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली थी। लेकिन सीटों को लेकर बढ़ती तनातनी के चलते नये फॉर्मूले के तहत बीजेपी 12, शिवसेना 4 और एनसीपी को केवल एक सीट देने की बात चल रही है। हालांकि इस पर अभी अंतिम मुहर लगना बाकी है।
इस बीच, एनसीपी की ओर से स्पष्ट कहा गया है कि जय पवार महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव नहीं लड़ेंगे। एनसीपी नेता उमेश पाटिल ने जय पवार की उम्मीदवारी को लेकर चल रही अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि दिवंगत नेता अजित पवार के छोटे बेटे जय आगामी चुनाव नहीं लड़ेंगे और पुणे से किसी जमीनी कार्यकर्ता को मौका दिया जाएगा।
इस बार जिन 17 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें सोलापुर, जलगांव, भंडारा-गोंदिया, वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली, अमरावती, धाराशिव-लातूर-बीड़ और नागपुर उपचुनाव जैसी सीटें बीजेपी के पास हैं। शिवसेना के पास ठाणे, नासिक, यवतमाल, परभणी-हिंगोली और छत्रपति संभाजीनगर-जालना सीटें हैं। वहीं अहमदनगर, पुणे और रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीटें एनसीपी के खाते में हैं। जबकि कांग्रेस के पास सांगली-सातारा और नांदेड़ सीटें हैं।