महाराष्ट्र के वर्धा जिले में एनसीपी के वरिष्ठ नेता दिवाकर गमे को एक नाबालिग के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
महाराष्ट्र के वर्धा जिले से एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता दिवाकर गमे को एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गमे पर आरोप है कि उन्होंने पीड़िता को नौकरी दिलाने का लालच देकर पिछले तीन सालों से उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
अजित पवार गुट के नेता दिवाकर गमे को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार यह सिलसिला साल 2022 से शुरू हुआ था। उस समय पीड़िता की उम्र महज 17 वर्ष थी और वह नाबालिग थी। आरोपी दिवाकर गमे ने युवती के परिवार से अपनी जान-पहचान का फायदा उठाया और उसे अच्छी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। बदनामी के डर से पीड़िता लंबे समय तक खामोश रही, लेकिन आरोपी की हरकतें बढ़ती गईं। हाल ही में आरोपी ने पीड़िता को मोबाइल पर अश्लील फोटो और वीडियो भेजकर परेशान करना शुरू कर दिया था।
लगातार हो रही प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने पुलगाव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 7 मार्च की शाम को दिवाकर गमे को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिससे कई चौंकाने वाले सबूत मिलने की उम्मीद है।
बता दें कि दिवाकर गमे 'महाज्योति' संस्थान के पूर्व निदेशक रह चुके हैं और ओबीसी आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उन्हें राज्य सरकार के एक बड़े मंत्री व एनसीपी नेता का करीबी माना जाता है।
इस घटना के बाद वर्धा समेत पूरे महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के ठीक पहले हुई इस गिरफ्तारी ने महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एनसीपी अपने नेता के खिलाफ क्या कड़ा कदम उठाती है। फ़िलहाल उपविभागीय पुलिस अधिकारी मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। इस मामले में कुछ अन्य लोगों के शामिल होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।