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शादी का वादा, फिर शारीरिक संबंध और रेप केस- मुंबई में सरकारी कर्मचारी से 43 लाख की ठगी

अपराधी खुद को विदेश में रहने वाला या ऊंचे पद पर कार्यरत व्यक्ति बताकर नजदीकियां बढ़ाते हैं और धीरे-धीरे पीड़ित का भरोसा जीत लेते हैं।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Mar 08, 2026

love affair crime Maharashtra

मुंबई में सरकारी कर्मचारी से 43 लाख की ठगी (AI Image)

ऑनलाइन जीवनसाथी तलाशने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मैट्रिमोनियल वेबसाइटें (Matrimonial Sites) अब धोखाधड़ी का नया अड्डा बनती जा रही हैं। महाराष्ट्र के नवी मुंबई शहर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 43 वर्षीय सरकारी कर्मचारी को शादी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया।

झूठे रेप केस की धमकी

पुलिस के अनुसार, पीड़ित की मुलाकात एक महिला से मेट्रिमोनियल वेबसाइट पर हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे भरोसे का रिश्ता बन गया। इस दौरान उनके बीच कथित तौर पर शारीरिक संबंध भी बने। इसके बाद महिला ने शख्स को झूठे बलात्कार के मामले में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगने शुरू कर दिए। डर के कारण पीड़ित ने कर्ज लिया, अपनी बहन के गहने गिरवी रखे और नकद व ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए कुल 42.87 लाख रुपये दे दिए।

लगातार बढ़ते मानसिक तनाव के बाद आखिरकार पीड़ित ने पुणे के भारती विद्यापीठ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।

पुणे-पिंपरी चिंचवड़ में बढ़ रहा साइबर ठगी का जाल

मिली जानकारी के अनुसार पुणे शहर और पिंपरी-चिंचवड क्षेत्र में इस तरह की ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले छह महीनों सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो यहां 30 से 35 बड़े मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में ठगी की रकम कुछ लाख रुपये से लेकर करोड़ों रुपये तक बताई जा रही है। साइबर अपराधी फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को फंसाते हैं और उन्हें आर्थिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं।

कभी NRI तो कभी डॉक्टर बनकर करते हैं ठगी

मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स साइबर अपराधी आमतौर पर खुद को एनआरआई, डॉक्टर, इंजीनियर या कंपनी के सीईओ आदि बताकर नकली प्रोफाइल बनाते हैं। वे पहले पीड़ित से बातचीत कर भावनात्मक रिश्ता मजबूत करते हैं और भरोसा जीतते हैं। इसके बाद महंगे गिफ्ट भेजने का झांसा देकर कस्टम ड्यूटी या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे मांगते हैं। कुछ मामलों में अपराधी डिजिटल अरेस्ट, ब्लैकमेल या झूठे केस की धमकी देकर भी पीड़ितों से लाखों-करोड़ों रुपये वसूलते हैं।

इन लोगों को बनाते हैं निशाना

ऐसे गिरोह मुख्य रूप से आईटी सेक्टर में काम करने वाले युवक-युवतियों, तलाकशुदा महिलाएं, विधवा महिलाएं, आर्थिक रूप से सक्षम और उच्चशिक्षित लोग को निशाना बनाते हैं। ऐसे मामलों में अगर कोई व्यक्ति पैसे मांगता है या धमकी देता है, तो तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर या फिर www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराना जरूरी है।