30 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुंबई: तरबूज खाने से 4 लोगों की रहस्यमयी मौत की गुत्थी उलझी, अब तक क्या-क्या पता चला?

Mumbai Watermelon Food Poisoning Death: मुंबई के पायधुनी इलाके में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत के मामले में अहम जानकारी सामने आई है।

3 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Apr 30, 2026

Watermelon Food Poisoning news Mumbai

मुंबई में तरबूज खाने के बाद पति, पत्नी और दो बेटियों की मौत (Photo: X/freepik)

मुंबई के पायधुनी इलाके में तरबूज खाने के कुछ घंटों बाद एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) मिलकर इस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटे हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर इस घटना को तरबूज (Watermelon) से जोड़कर कई तरह के भ्रम फैलाए जा रहे हैं। हालांकि, शुरुआती जांच कुछ और ही इशारा कर रही है। अभी तक ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जो सीधे तौर पर तरबूज को इस भयावह घटना का जिम्मेदार ठहराए।

क्या है पूरा मामला?

26 अप्रैल को अब्दुल्ला डोकाडिया (40), उनकी पत्नी नसरीन (35) और बेटियां आयशा (16) व जैनब (13) की जेजे अस्पताल में मौत हो गई थी। इससे एक दिन पहले परिवार ने रिश्तेदारों के साथ बिरयानी खाई थी और देर रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच घर पर ही तरबूज खाया था।

अगली सुबह सभी को उल्टी और दस्त की गंभीर शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें जेजे अस्पताल ले जाया गया, जहां एक-एक कर चारों की मौत हो गई। घटना वाली रात डोकाडिया के घर आये पांच मेहमानों ने भी वही बिरयानी खाई थी, लेकिन उन्हें कोई समस्या नहीं हुई।

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पोस्टमॉर्टम के दौरान पीड़ितों के शरीर में 'पेनकिलर' जैसे पदार्थ मिले हैं। मृतकों के हृदय, आंतों और मस्तिष्क के कुछ हिस्सों पर हरे रंग के धब्बे पाए गए। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने अभी तक इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

क्या तरबूज पर मौजूद कीटनाशक से हुई मौत?

घटना के बाद यह दावा किया जा रहा था कि तरबूज कीटनाशक के इस्तेमाल के कारण जहरीला हो सकता है। लेकिन राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के खाद्य सुरक्षा आयुक्त श्रीधर दुबे-पाटिल ने साफ कहा कि केवल तरबूज पर कीटनाशक के अंश होने से इस तरह की मौत संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि तरबूज जैसे फलों पर कीटनाशकों का होना स्वाभाविक है, लेकिन इसकी मात्रा इतनी घातक नहीं होती कि किसी की तुरंत मौत हो जाए।

घर से लिए गए कई सैंपल

एफडीए (FDA) ने जांच के लिए डोकाडिया परिवार के घर से कई नमूने जब्त किए हैं। इनमें तरबूज के बचे हुए टुकड़े, बची हुई बिरयानी, रसोई के मसाले, पीने का पानी और खजूर आदि शामिल हैं। इन सभी सैंपल को जांच के लिए कलिना स्थित फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में रासायनिक जांच के लिए भेजा गया है।

पायधुनी के बाजारों से तरबूज गायब

हादसे के बाद एफडीए की टीम जब पायधुनी के बाजारों में बिक रहे तरबूजों की जांच करने पहुंची, तो वहां एक भी तरबूज विक्रेता नहीं मिला। अधिकारी लगातार तीन दिनों तक प्रयास करते रहें, लेकिन उन्हें कोई तरबूज बेचते हुए नहीं मिला। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि डोकाडिया परिवार ने वह तरबूज कहां से खरीदा था।

हालांकि, राहत की बात यह है कि उस इलाके में किसी अन्य व्यक्ति के तरबूज खाने के बाद बीमार होने की खबर सामने नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि अगर तरबूज आस-पास के बाजार से खरीदा गया होता, तो अन्य लोगों के बीमार होने की भी खबर आती, लेकिन अब तक ऐसी कोई दूसरी घटना सामने नहीं आई है।

डॉक्टरों ने कही चौंकाने वाली बात

जेजे अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, मरीजों की हालत जिस तेजी से बिगड़ी, वह सामान्य फूड पॉइजनिंग जैसी नहीं थी। डॉक्टरों का कहना है कि यह किसी जहरीले या रासायनिक तत्व के संपर्क का संकेत हो सकता है।

जेजे अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय सुरासे के अनुसार, यह मामला सामान्य फूड पॉइजनिंग का नहीं लग रहा है। उन्होंने बताया कि परिवार की तबियत जिस तेजी और तीव्रता से बिगड़ी, वह किसी जहरीले या रासायनिक तत्व के चलते हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि तरबूज एक सुरक्षित फल है। इसे दिन या रात में खाने से तबियत खराब होने या मौत होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

यही वजह है कि  जांच एजेंसियां कई संभावनाओं पर काम कर रही हैं। इसमें किसी जहरीले तत्व या अन्य कारणों की भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल इस पूरे मामले में फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट बेहद अहम मानी जा रही हैं। सभी जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि डोकाडिया परिवार की मौत की असली वजह क्या थी।