
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अजित पवार गुट के भीतर एक बार फिर अंदरूनी खींचतान की चर्चा तेज हो गई है। अजित पवार के निधन के बाद पार्टी की कमान संभाल रहीं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार के साथ वरिष्ठ नेताओं के बीच कथित मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। इसी बीच एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने भाजपा (BJP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि भाजपा एनसीपी (अजित पवार) के कुछ वरिष्ठ नेताओं के जरिए पार्थ पवार और जय पवार के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रही है।
रोहित पवार ने मंगलवार को एक इंटरव्यू में दावा किया कि भाजपा ने जिस तरह पहले शरद पवार और अजित पवार के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ाने में भूमिका निभाई थी, उसी तरह अब अजित दादा के दोनों बेटों पार्थ पवार और जय पवार के बीच भी विवाद पैदा करने की कोशिश कर रही है।
दरअसल, हाल ही में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस प्रतिनिधिमंडल में सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, दिलीप वलसे पाटिल और धनंजय मुंडे शामिल थे। रविवार रात करीब 9 बजे शुरू हुई यह बैठक लगभग दो घंटे तक चली। लेकिन उनके साथ पार्टी प्रमुख सुनेत्रा पवार के नहीं होने से कई तरह के कयास लगाये जा रहे है, हालांकि पार्टी ने किसी तरह के मतभेद से इनकार किया है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस मुलाकात के दौरान वरिष्ठ नेताओं ने पार्थ पवार की कार्यशैली और पार्टी में उनकी भूमिका को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
एनसीपी शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया कि भाजपा अब पवार परिवार की अगली पीढ़ी के बीच विवाद पैदा करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, "हमें जानकारी मिली है कि जय पवार मुख्यमंत्री से मिले हैं। बीजेपी ने जिस तरह चाचा (शरद पवार) और भतीजे (अजित पवार) के बीच प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से विवाद पैदा किया था, उसी तरह अब पार्थ पवार और जय पवार के बीच भी मतभेद पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।" सत्तारूढ़ दल ने पार्थ और जय पवार के राजनीतिक दृष्टिकोण में अंतर पैदा करने की कोशिश शुरू हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अजित पवार गुट के कुछ वरिष्ठ नेता भी इस कथित कोशिश में भाजपा का साथ दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छगन भुजबल और हसन मुश्रीफ को छोड़कर बाकी कुछ वरिष्ठ नेता बीजेपी की बात मानकर दोनों भाइयों के बीच विवाद पैदा करने का प्रयास कर सकते हैं।
इस बीच, मंगलवार रात मुंबई स्थित देवगिरी बंगले पर एनसीपी के विधायकों की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में पार्टी के करीब 30 विधायक शामिल हुए। बैठक के दौरान विधायकों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पार्टी सत्ता में होने के बावजूद उनके क्षेत्र के काम नहीं हो पा रहे हैं। कुछ विधायकों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर से काम नहीं होने की शिकायत भी की। इसके अलावा, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रहे कथित विवाद को लेकर भी विधायकों ने चिंता जताई। सत्ता में भागीदारी के बावजूद काम नहीं होने और संगठन में संवाद की कमी का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया।
रोहित पवार के आरोपों पर सुनेत्रा पवार की एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें खारिज कर दिया है। तटकरे दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने वाले वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। उन्होंने कहा कि रोहित पवार केवल मीडिया में जगह पाने और लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। वह हर दिन एनसीपी के खिलाफ कुछ न कुछ बोलते रहते हैं, लेकिन पार्टी उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेती।