महाराष्ट्र में शिवसेना की मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। कोर्ट ने संजय राउत को 4 अगस्त तक ईडी की रिमांड में भेज दिया है। इस बीच बीजेपी विधायक नितेश राणे ने शिवसेना नेता अनिल परब को लेकर तंज कसा है। नितेश राणे ने ट्विटर पर अनिल परब की फोटो शेयर करते हुए बैकग्राउंड में गाना लगाया है, देर न हो जाए कहीं देर न हो जाए।
गोरेगांव की पात्रा चॉल के पुनर्विकास से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार शिवसेना सांसद संजय राउत की मुश्किलें बढ़ गयी है। आज पीएमएलए कोर्ट (PMLA Court) ने उन्हें 4 अगस्त तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिमांड में भेज दिया है। एक दिन पहले ईडी ने राउत के मुंबई के भांडुप में स्थित ‘मैत्री’ आवास पर छापेमारी की और 9 घंटे तक तलाशी लेने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दूसरी तरफ शिवसेना नेता अनिल परब को भी ईडी तलब कर चुकी है।
शिवसेना सांसद संजय राउत के बाद अगला नंबर अनिल परब का है? महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री रहे अनिल परब पर वसूली के लिए दबाव बनाने का आरोप है। सचिन वाझे ने एनआईए को चिट्ठी लिखकर यह आरोप लगाया था। अब बीजेपी विधायक नितेश राणे ने ट्विटर पर अनिल परब की फोटो शेयर करते हुए बैकग्राउंड म्यूजिक लगाकर तंज कसा है। यह भी पढ़ें: Sanjay Raut Arrested: ED की रिमांड के बाद संजय राउत के भाई सुनील राउत की बड़ी प्रतिक्रिया आई सामने, जानें क्या कहा
बता दें कि बीजेपी विधायक नितेश राणे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अनिल परब की फोटो के साथ बॉलिवुड का गाना 'देर ना हो जाए कही देर ना हो जाए' लगाया है। 21 जून को अनिल परब ईडी के सामने पेश हुए थे। ईडी ने अनिल परब को रत्नागिरी में दापोली बीच इलाके में अवैध रूप से होटल बनाने के आरोप में समन भेजा था। आरोप है कि इस होटल को बनाने में कोस्टल रेग्युलेशन प्रोविजन का उल्लंघन किया गया है।
इसके बाद मई में ईडी ने अनिल परब और उनसे जुड़े कुछ अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। अनिल परब तीन बार के शिवसेना एमएलसी हैं और उद्धव सरकार में वह परिवहन और संसदीय कार्य मंत्री थे। वहीं, जांच एजेंसियों के रडार पर कई शिवसेना के नेता हैं। इस लिस्ट में संजय राउत, अनिल परब, अनिल देशमुख और एनसीपी नेता नवाब मलिक शामिल हैं। एनसीपी नेता नवाब मलिक पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से संबंध होने का आरोप है। नवाब मलिक पर 16 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप हैं। वहीं अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये की वसूली का आदेश देने का आरोप है।