महाराष्ट्र में सियासी संग्राम अभी खत्म नहीं हुआ है। राज्य में एमवीए सरकार गिरने के आबाद पहली बाद एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे ने प्रतिक्रिया दी है। श्रीकांत ने इस दौरान उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है और एनसीपी को घेरा है।
Maharashtra Political News: महाराष्ट्र में भले ही नई सरकार का गठन हो गया है लेकिन सियासी संग्राम खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच राज्य के सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है। शिंदे ने कहा कि अगर सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं की बात सुनी होती तो यह दिन आज नहीं देखना पड़ता था। एनसीपी पर शिंदे ने पार्टी को कमजोर करने का भी आरोप लगाया है।
श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस, एनसीपी के साथ गठबंधन तोड़ने पर कुछ किया होता और सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं की आवाज को सुना होता तो यह दिन उन्हें आज नहीं देखना पड़ता। सांसद ने कहा कि उद्धव के समर्थक आज कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं और एकनाथ शिंदे को सपोर्ट न करने के लिए कह रहे हैं लेकिन लोग उनकी बातें नहीं सुन रहे हैं।
श्रीकांत ने कहा कि पूरे महाराष्ट्र से लोग सीएम के आवास नंदन वन पर उन्हें समर्थन के लिए लगातार आ रहे हैं। वे बोले कि शिवसेना और भाजपा के साथ आने से कार्यकर्ता खुश नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन के बारे में किसी ने नहीं सोचा था लेकिन सत्ता हासिल करने के लिए यह गठबंधन बनाया गया।
उन्होंने कहा कि महा विकास अघाड़ी बनने के बाद शिवसेना को सीएम पद मिला और हमने सोचा कि पार्टी बढ़ेगी लेकिन इसका उलट हुआ। वे बोले कि कई ग्रामीण चुनावों में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में विधायकों और पार्टी के नेताओं ने शिकायत की थी कि एनसीपी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश में जुटी है लेकिन किसी ने बात नहीं सुनी।
श्रीकांत ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में एनसीपी ने अपने नेताओं को राशि मंजूर कर उनकी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश में जुटी है। कुछ सांसदों ने उद्धव ठाकरे से इसे लेकर पहले ही शिकायत की थी लेकिन कुछ एक्शन नहीं हुआ।
गौर हो कि इससे पहले महाराष्ट्र के सियासी संग्राम के बीच एक तस्वीर सामने आई जो चर्चा का विषय बन गई। शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की बहु स्मिता ठाकरे ने सीएम एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। इस मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा शुरू है।