
एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में सियासी संग्राम के बीच शिवसेना की अंदरूनी कलह का फैसला अब सुप्रीम कोर्ट में होगा। शिवसेना और उसके चिन्ह धनुष-बाण के लिए उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) गुट और एकनाथ शिंदे गुट (Eknath Shinde) आमने-सामने है। चुनाव आयोग (Election Commission) ने दोनों धड़ों को शिवसेना पर अपने दावे को साबित करने के लिए दस्तावेजी सबूत पेश करने को कहा था। लेकिन इसके खिलाफ उद्धव खेमे ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख किया है।
चुनाव आयोग की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग वाली शिवसेना (उद्धव गुट) की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर ली है। सुप्रीम कोर्ट एक अगस्त को इस पर सुनवाई करेगा। महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले खेमे ने खुद को असली शिवसेना के तौर पर मान्यता देने के लिए चुनाव आयोग से अनुरोध किया है। यह भी पढ़े-Uddhav Thackeray Interview: जो पत्ते गिर रहे हैं वो सड़े हुए हैं.. उद्धव ठाकरे का बागियों पर कड़ा प्रहार, जानें और क्या कहा
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) एनवी रमणा की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट की बेंच याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इसमें जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली भी शामिल है।
उद्धव खेमे का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि चुनाव आयोग के समक्ष चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने की जरूरत है, क्योंकि इससे मामले में यहां सुनवाई प्रभावित होगी। जिसपर देश की शीर्ष कोर्ट ने कहा कि वह लंबित याचिकाओं के साथ ही इस याचिका पर एक अगस्त को सुनवाई करेगी।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने हाल ही में शिवसेना के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को पार्टी और उसके चुनाव चिह्न (धनुष और बाण) पर अपने-अपने दावों के समर्थन में 8 अगस्त तक दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया था। जिसके आधार पर आयोग आगे की सुनवाई करने वाला है।
बता दें कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के 40 विधायकों ने पार्टी के खिलाफ विद्रोह किया है। उसके कुछ दिन बाद 12 सांसद भी शिंदे समूह में शामिल हो गए है।
Updated on:
27 Jul 2022, 8:37 AM IST
Published on:
26 Jul 2022, 12:55 PM IST
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