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महायुति में फिर बढ़ा तनाव: शिवसेना नेता ने BJP को दी नसीहत, बोले- ‘आपकी भाषा ठीक नहीं, मर्यादा में रहें’

BJP Shiv Sena Tension: महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद महायुति में BJP और शिवसेना के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना प्रवक्ता आनंद परांजपे ने बीजेपी नेताओं को भाषा की मर्यादा बनाए रखने की नसीहत दी। साथ ही संजय गायकवाड़ के विवादित बयान पर पार्टी की ओर से कार्रवाई के संकेत भी दिए।
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मुंबई

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Imran Ansari

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Updated: 30 Oct 2026, 6:32 PM IST

BJP Shiv Sena Tension

महायुति में फिर बढ़ा तनाव, फोटो सोर्स- ANI

Mahayuti controversy: महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर चल रही खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता नवनाथ बन की टिप्पणी के बाद अब शिवसेना ने भी कड़ा रुख अपनाया है। शिवसेना प्रवक्ता आनंद परांजपे ने महायुति के सहयोगी दलों के नेताओं और प्रवक्ताओं को भाषा की मर्यादा बनाए रखने की नसीहत दी है।

ठाणे में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आनंद परांजपे ने कहा कि विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद सहयोगी दलों के प्रवक्ताओं ने शिवसेना नेताओं के बारे में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया, वह महायुति में उचित नहीं है। उन्होंने बीजेपी प्रवक्ताओं की भाषा को भी अनुचित बताया। परांजपे ने कहा कि महायुति के मित्र दलों के प्रवक्ताओं और नेताओं को शिवसेना नेताओं पर आरोप लगाने से बचना चाहिए और भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। सभी को संयम बरतना चाहिए। किसी को भी अपने पद की सीमा से आगे बढ़कर शिवसेना पर टिप्पणी करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

तीनों दलों के बीच समन्वय पर होगी चर्चा

शिवसेना प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के बीच होने वाली बैठक में महायुति के आपसी समन्वय को लेकर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के नेताओं और प्रवक्ताओं को सहयोगी दलों के खिलाफ बयानबाजी नहीं करने के निर्देश दिए हैं। शिंदे ने साफ कहा है कि गठबंधन के भीतर दोस्ती में कुश्ती नहीं होनी चाहिए। परांजपे ने कहा कि शिवसेना की ओर से सहयोगी दलों के नेताओं पर टिप्पणी नहीं की जाएगी। उन्होंने बीजेपी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से भी ऐसी ही अपेक्षा जताई। उन्होंने तीनों दलों से चुनाव नतीजों के बाद शुरू हुई आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति को रोककर आपसी तालमेल मजबूत करने की अपील की।

संजय गायकवाड़ के बयान पर कार्रवाई के संकेत

इस दौरान आनंद परांजपे ने शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ के किसानों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस बयान की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को इस तरह की असंवेदनशील टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। परांजपे के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नेताओं को ऐसे बयान नहीं देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संकेत दिया कि गायकवाड़ के बयान पर पार्टी की ओर से कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, उन्होंने कार्रवाई के स्वरूप या समय को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

किसानों और लोगों के साथ खड़ी रहती है शिवसेना: परांजपे

शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय उनकी पार्टी सबसे पहले लोगों की मदद के लिए पहुंचती है। उन्होंने दावा किया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना ने महाराष्ट्र के अलावा केरल की बाढ़, जम्मू-कश्मीर में अतिवृष्टि और नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के पर्यटकों को वापस लाने में भी मदद की थी। परांजपे ने कहा कि इस साल सूखे की स्थिति में भी शिवसेना किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।

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