
Manoj Jarange Audio Clip: महाराष्ट्र की राजनीति में मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटील की कथित ऑडियो क्लिप को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता रामदास कदम ने भाजपा पर गंभीर सवाल उठाए, तो वहीं भाजपा की ओर से पलटवार करते हुए मंत्री नितेश राणे ने उनके बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। राणे ने सवाल किया कि कदम अपने मन से बोल रहे हैं या उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सहमति से। उन्होंने शिंदे से इस पूरे मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही कहा कि जब शिंदे ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत किया था तब फडणवीस के साथ के कारण ही वह सुरक्षित थे।
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने गुरुवार को मीडिया के सामने एक कथित ऑडियो क्लिप का जिक्र किया था। इस क्लिप को लेकर दावा किया गया कि भाजपा की ओर से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को जरांगे तक पहुंचाने के लिए 500 करोड़ रुपये दिए गए और यह रकम सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से पहुंचाई गई।
हालांकि, ये आरोप और ऑडियो क्लिप में किए गए दावे की पुष्टि की जांच की जा रही है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शिंदे गुट के नेता रामदास कदम ने भाजपा पर सवाल उठाए। उनके बयान के बाद सत्तारूढ़ महायुति के दोनों सहयोगी दलों के नेताओं के बीच जुबानी विवाद तेज हो गया।
पूर्व मंत्री रामदास कदम ने सवाल किया कि क्या भाजपा को एकनाथ शिंदे से डर लग रहा है और क्या शिंदे को राजनीतिक रूप से खत्म करने की कोई साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे भरोसा करके भाजपा के साथ आए थे, इसलिए इस पूरे मामले में भाजपा को जवाब देना चाहिए।
कदम ने आरोप लगाया कि यदि किसी को पैसे देने की बात है, तो कथित तौर पर पार्टी के माध्यम से सीधे लेनदेन के बजाय दूसरे रास्ते का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आ रही है। उन्होंने भाजपा नेता प्रवीण दरेकर का नाम भी इस विवाद के संदर्भ में लिया और कहा कि भाजपा को इन सवालों का जवाब देना होगा।
भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे ने रामदास कदम के बयान पर आपत्ति जताते हुए पूछा कि क्या वह अपनी ओर से ये बातें कह रहे हैं या उन्हें पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे की मंजूरी मिली है। राणे ने सवाल किया कि क्या एकनाथ शिंदे और उनके बेटे श्रीकांत शिंदे को कदम के बयान की जानकारी है और क्या वे इससे सहमत हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि फडणवीस ने शिंदे का साथ नहीं दिया होता, तो शिंदे की जान खतरे में पड़ सकती थी।
राणे ने कहा कि इस तरह के बयानों से महायुति में मतभेद बढ़ सकते हैं और विपक्ष को इसका सियासी फायदा मिल सकता है। उन्होंने एकनाथ शिंदे से इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
इस विवाद में भाजपा नेता प्रवीण दरेकर और प्रसाद लाड ने भी रामदास कदम के बयानों पर प्रतिक्रिया दी। दोनों नेताओं ने इसी मुद्दे को लेकर कदम पर सवाल उठाए।
गुरुवार रात में शिवसेना के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। यह मुलाकात उसी वायरल ऑडियो क्लिप के संबंध में थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि भाजपा ने लोकसभा सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के जरिए मराठा कार्यकर्ता मनोज जारांगे को 500 करोड़ रुपये दिए। एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे फिलहाल पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
इस विवाद के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कथित ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच कराने की घोषणा की है। जांच में रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और उसमें सुनाई देने वाली आवाजों की पहचान करने की बात कही गई है। भाजपा ने भी रिकॉर्डिंग के असली होने या एआई की मदद से तैयार किए जाने की जांच की मांग की है।
वहीं, एकनाथ शिंदे ने 500 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो ऐसी कोई रकम ली है और न ही किसी को दी है। उन्होंने मनोज जरांगे से आरोपों के समर्थन में सबूत संबंधित अधिकारियों को देने की बात भी कही है।