महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार हो गया है। शिंदे कैबिनेट में बीजेपी नेता पंकजा मुंडे को जगह नहीं मिली है। इस पर पंकजा मुंडे ने तो खुलकर बीजेपी लीडरशिप से कोई नाराजगी जाहिर नहीं की है, लेकिन उनके समर्थक खफा बताए जा रहे हैं।
महाराष्ट्र की शिंदे-फडणवीस सरकार का करीब 40 दिनों के बाद विस्तार तो हो गया। इस बीच विस्तार होते ही एक नया विवाद की शुरुआत भी हो चुकी है। इस मंत्रिमंडल विस्तार के चलते बीजेपी में भी नाराजगी देखी जा रही है। बीजेपी की नेता पंकजा मुंडे को इस कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। इस पर पंकजा ने तो खुलकर बीजेपी लीडरशिप से कोई नाराजगी व्यक्त नहीं की है, लेकिन उनके समर्थक इस बात से खफा बताए जा रहे हैं। इस बीच कभी बीजेपी में रहे और अब एनसीपी के नेता एकनाथ खडसे भी पंकजा मुंडे को सलाह दी है।
एनसीपी के नेता एकनाथ खडसे ने कहा कि मंत्री पद के लिए इंतजार करने की बजाय पंकजा मुंडे को सीधा सीनियर लीडरशिप से बात करनी चाहिए। एकनाथ खडसे ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने मंत्रिमंडल विस्तार में कई बड़े ओबीसी नेताओं को दर किनार किया है। यह भी पढ़ें: Mumbai Indians: मुंबई इंडियंस ने नहीं दिया मौका, अब इस टीम से खेल सकते है अर्जुन तेंदुलकर; सामने आई ये बड़ी वजह
एकनाथ खडसे ने कहा कि हाल के दिनों में गोपीनाथ मुंडे के परिवार से जुड़े लोगों को किनारे नजरअंदाज किया जा रहा है। पंकजा मुंडे के साथ न्याय नहीं हो रहा है। इस बात पर भी सस्पेंस बना हुआ है कि अगले कैबिनेट विस्तार में पंकजा मुंडे को जगह मिलेगी या नहीं। मेरी पंकजा मुंडे को शुभकामनाएं। हालांकि एकनाथ खडसे ने कहा कि उन्हें कैबिनेट में आने और वरिष्ठों से मिलने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना चाहिए।
एनसीपी नेता एकनाथ खडसे ने आगे कहा कि मैं भी गोपीनाथ मुंडे के साथ था। जो लोग बीजेपी में गोपीनाथ मुंडे के करीबी थे, उन्हें अब नजरअंदाज किया जा रहा है। हालांकि एकनाथ खडसे ने भी उम्मीद जताई कि उन्हें भविष्य में न्याय मिलेगा। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार का कैबिनेट विस्तार 40 दिनों के बाद हुआ है। कैबिनेट विस्तार में जगह न मिलने पर जब बीजेपी नेता पंकजा मुंडे से सवाल किया गया था तो उन्होंने इसपर अपना तीखा रिएक्शन दिया था। पत्रकारों ने पंकजा से पूछा कि आपका नाम हमेशा चर्चा में रहता है, लेकिन आपको कैबिनेट में जगह नहीं मिलती है।
इस बात पर पंकजा मुंडे ने कहा था कि मेरा नाम चर्चा में रहने जैसा है। अगर मैं इसके लायक नहीं हूं, तो और अधिक योग्य लोग होंगे। वे मुझे मौका देंगे जब उन्हें लगेगा कि मैं इसके लायक हूं। मेरे पास विरोध करने की कोई वजह नहीं है। वे मुझे तब देंगे जब उन्हें लगेगा कि मैं इसके योग्य हूं, इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है।
आपको बता दें कि 9 अगस्त को महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की कैबिनेट का विस्तार हुआ। 18 विधायकों ने राजभवन में मंत्रिपद की शपथ ली। इनमें 9 मंत्री बीजेपी और 9 मंत्री एकनाथ शिंदे गुट के हैं। महाराष्ट्र में सत्ता पलटने के बाद 30 जून को एकनाथ शिंदे ने सीएम पद की और देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी। हालांकि, सरकार गठन के 40 दिन बाद यह पहला मंत्रिमंडल विस्तार है।