महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शुरू हुआ सियासी संग्राम अब तक जारी है। उद्धव खेमे और उद्धव गुट के बीच तनातनी अब भी बनी हुई है। महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है। इसी कड़ी में शिंदे गुट और उद्धव गुट के विधायक आमने-सामने आ गए और भीड़ गए। विधायकों की भिडंत को लेकर एनसीपी नेता अजित पवार ने शिंदे गुट पर हमला बोला है।

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद शुरू हुआ सियासी संग्राम अब तक जारी है। राज्य विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है। इन सब के बीच महाराष्ट्र विधानभवन में शिंदे गुट और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए और भिड़ गए। विधायकों की भिडंत को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजित पवार ने शिंदे गुट पर हमला बोला है। पवार ने इस दौरान 50 खोखे का जिक्र कर अलग अंदाज में निशाना साधा है।
महाराष्ट्र विधानभवन के बाहर नारे लगाते वक्त एनसीपी विधायक अमोल मिटकरी और महेश शिंदे ने एक-दूसरे को धक्का मारा। विधायकों की भिडंत पर अजित पवार ने शिंदे समूह के विधायकों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जब हम सत्ता में थे तब भी विपक्ष विधानसभा की सीढ़ियों पर विरोध करते थे। लेकिन हमने उन्हें कभी नहीं रोका। वे बोले कि हमारे द्वारा किये गए '50 खोखे-एकदम ओके वाले' आरोप उन्हें खटके इसलिए उन्होंने ने धक्का-मुक्की की।
पवार ने कहा कि आज ये जानबूझ कर हुआ। महाराष्ट्र में जिस तरह से हमारे नारे दिखाए गए, उन्हें उनकी छवि धूमिल होने की शंका है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार को अपने हिसाब से काम करना पड़ता है। विपक्ष को जनता के विभिन्न मुद्दों पर आवाज उठानी पड़ती है। दरअसल महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा सप्ताह चल रहा है और आज पांचवां दिन है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी विधायक रोज सुबह नारेबाजी कर रहे थे। लेकिन सतारा के कोरेगांव विधायक महेश शिंदे ने मिटकरी को गालियां दीं। दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इस दौरान पत्रकारों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई है। जो हुआ वह सही नहीं है। एनसीपी नेता ने कहा कि आखिर नारे लगाने का अधिकार सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का है।