
Maharashtra monsoon weather update: महाराष्ट्र में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव (Deep Depression) के असर से राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 31 जुलाई तक महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। खासकर घाट क्षेत्रों और तटीय इलाकों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज कोंकण और गोवा के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, मराठवाड़ा और दक्षिण मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भी बारिश का असर अधिक रहेगा। कुछ स्थानों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। उत्तर मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भी मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है।
लगातार बदलते मौसम को देखते हुए आईएमडी ने महाराष्ट्र के 31 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इनमें 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 20 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
महाराष्ट्र के 11 जिलों में अति-भारी बारिश की आशंका के चलते 'ऑरेंज अलर्ट' घोषित किया गया है। इस ऑरेंज अलर्ट की श्रेणी में रायगढ़, जलगाँव, पुणे, कोल्हापुर और सातारा के घाट इलाकों के साथ-साथ छत्रपति संभाजीनगर, जालना, अमरावती, भंडारा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, गोंदिया, नागपुर और वर्धा जैसे जिले शामिल हैं।
मुंबई, ठाणे, पालघर, रत्नागिरी सहित राज्य के अन्य कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में भी अगले दो दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए स्थानीय आपदा प्रबंधन और नागरिक निकायों ने अपनी टीमों को आपात स्थिति के लिए तैयार कर दिया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी मध्य छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से सटे क्षेत्र पर बना डीप डिप्रेशन पिछले छह घंटों से लगभग स्थिर बना हुआ है। गुरुवार सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर यह सिस्टम मध्य प्रदेश के मलांजखंड, छत्तीसगढ़ के दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर के आसपास सक्रिय था तथा महाराष्ट्र के गोंदिया से करीब 130 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा में स्थित था।
IMD के अनुसार, यह सिस्टम अगले 12 घंटों में छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ की ओर पश्चिम दिशा में बढ़ेगा तथा धीरे-धीरे कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल जाएगा। हालांकि इसके प्रभाव से महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तूफानी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।