मुंबई

महाराष्ट्र: 12000 रेजिडेंट डॉक्टरों की बेमियादी हड़ताल, ओपीडी सेवाएं ठप, होम्योपैथी डॉक्टरों को MMC रजिस्ट्रेशन देने का विरोध

Resident Doctors Strike in Maharashtra: महाराष्ट्र में हजारों रेजिडेंट डॉक्टरों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। KEM, सायन, नायर और जेजे अस्पताल सहित सरकारी मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी सेवाएं ठप पड़ गई हैं। जानिए हड़ताल की वजह और किन सेवाओं पर पड़ेगा असर।
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Aug 05, 2026
maharashtra doctor strike
महाराष्ट्र में डॉक्टरों की हड़ताल (Photo: IANS/File)

Maharashtra Hospital OPD Closed: होम्योपैथी डॉक्टरों को ‘महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल’ (एमएमसी) में पंजीकरण देने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले के विरोध में आज से हजारों रेजिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के कारण मुंबई के प्रमुख सरकारी अस्पतालों केईएम (KEM), सायन (Sion), नायर (Nair) और जेजे (JJ) अस्पताल के साथ-साथ राज्य भर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आज से ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहेंगी। कई बड़े अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं ठप पड़ गई हैं। ‘महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स’ (एमएआरडी) ने आधी रात से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।

एमएआरडी (MARD) के अनुसार, राज्यभर के करीब 12,000 रेजिडेंट डॉक्टर गुरुवार से आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवाओं का बहिष्कार करेंगे, जबकि बुधवार से ओपीडी सेवाएं बंद रखेंगे। इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने की आशंका है।

इसके अलावा, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा संचालित चार मेडिकल कॉलेजों के 2,000 से अधिक रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी आज से ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार की घोषणा की है।

एमएआरडी ने एक बयान में कहा कि मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में हड़ताल के शुरुआती 24 घंटे के दौरान आपातकालीन और आकस्मिक सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन ओपीडी सेवाओं, नियमित कार्य और शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन नहीं किया जाएगा।

बता दें कि एमएमसी ने 30 जून को एक अधिसूचना जारी कर होम्योपैथी डॉक्टरों को ‘मॉडर्न फार्माकोलॉजी’ में 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स (सीसीएमपी) पूरा करने के बाद आधुनिक दवाएं लिखने की अनुमति दे दी थी। इसका रेजिडेंट डॉक्टर्स का संगठन कड़ा विरोध कर रहा है।

एमएआरडी ने कहा कि सरकार और संबंधित अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद बीएचएमएस-सीसीएमपी नीति के क्रियान्वयन को लेकर कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला है।

वर्तमान में होम्योपैथिक डॉक्टरों के 2,500 पंजीकरण आवेदन पिछले वर्ष से लंबित हैं। वहीं, करीब 10,000 अन्य उम्मीदवार एक वर्षीय फार्माकोलॉजी (औषध विज्ञान) प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम पूरा कर चुके हैं।

Updated on:
05 Aug 2026 10:00 am
Published on:
05 Aug 2026 09:53 am