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Non-Dairy Paneer Banned : महाराष्ट्र में Non-Dairy Paneer पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर 6 महीने की जेल और 1 लाख जुर्माना

Maharashtra Government Prohibits Sale of Non-Dairy Paneer: थाली में सजने वाला पनीर कहीं आपकी सेहत का दुश्मन तो नहीं? महाराष्ट्र सरकार ने एनालॉग यानी गैर-डेयरी पनीर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर मिलावटखोरों के खिलाफ महाअभियान छेड़ दिया है। अब असली के नाम पर नक़ली पनीर बेचने वालों को सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी।
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Non-Dairy Paneer

Non-Dairy Paneer :क्या होता है 'एनालॉग पनीर' और क्यों है यह ख़तरनाक? (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Maharashtra Bans Non-Dairy Paneer: महाराष्ट्र में अब आपकी पसंदीदा पनीर की सब्जी में मिलावट का जहर घोलना आसान नहीं होगा। राज्य सरकार ने गैर-डेयरी यानी 'एनालॉग पनीर' के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। अगर कोई व्यापारी या फ़ैक्ट्री असली पनीर के नाम पर पाम ऑयल और केमिकल्स से बना नक़ली पनीर बेचते पकड़ा गया, तो उसे 6 महीने तक की जेल और 1 लाख रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा।

क्या होता है 'एनालॉग पनीर' और क्यों है यह ख़तरनाक?

साधारण भाषा में कहें तो एनालॉग पनीर असली दूध से नहीं बनता। इसमें दूध की वसा (Milk Fat) की जगह सस्ते वनस्पति तेल (जैसे पाम ऑयल), स्टार्च, डिटर्जेंट और रासायनिक एडिटिव्स का इस्तेमाल किया जाता है।

सेहत पर बुरा असर: पाम ऑयल और केमिकल्स वाले इस पनीर के नियमित सेवन से हृदय रोग, उच्च कोलेस्ट्रॉल, और पाचन संबंधी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

उपभोक्ताओं से धोखा: बाजार में यह नकली पनीर असली से बहुत कम लागत में बनता है, लेकिन इसे असली डेरी पनीर के दाम पर बेचकर ग्राहकों की जेब और सेहत दोनों पर डाका डाला जाता है।

ध्यान दें: खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSSA) के तहत अगर नकली या असुरक्षित भोजन के सेवन से किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो दोषी को आजीवन कारावास और न्यूनतम 10 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।

पुणे में हुआ था बड़े रैकेट का पर्दाफाश

यह सख़्ती यूं ही नहीं आई है। मई महीने से पूरे महाराष्ट्र में जहरीले दूध और नकली पनीर के खिलाफ व्यापक छापेमारी चल रही थी। हाल ही में पुणे के मंजरी खुर्द स्थित एक गोदाम पर FDA (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) की टीम ने छापा मारकर लगभग 1,400 किलोग्राम नक़ली पनीर ज़ब्त किया था।

छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री:

  • 1,800 किग्रा: स्किम्ड मिल्क पाउडर
  • 718 लीटर: पाम ऑयल (ताड़ का तेल)
  • 400 किग्रा: ग्लिसरॉल मोनोस्टिएरेट (GMS) पाउडर

इस घटना के बाद राज्य विधानसभा में भी यह मुद्दा गरमाया था, जिसके बाद सरकार ने छत्तीसगढ़ के बाद महाराष्ट्र को ऐसा दूसरा राज्य बना दिया जिसने एनालॉग पनीर पर पूर्ण बैन लगाया है।

असली और नकली पनीर की पहचान कैसे करें?

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। आप घर पर भी इन आसान तरीकों से पहचान कर सकते हैं:

परीक्षण का प्रकारअसली पनीरनक़ली / एनालॉग पनीर
मसलने पर (Touch Test)यह नरम होता है और हाथ से मसलने पर टूटता नहीं।यह बिखर जाता है या अत्यधिक रबड़ जैसा खिंचता है।
आयोडीन टेस्ट (Iodine Test)उबाले गए पनीर पर आयोडीन डालने से रंग नहीं बदलता।स्टार्च/डिटर्जेंट की मौजूदगी से पनीर का रंग नीला हो जाता है।
स्वाद और गंधइसमें दूध की प्राकृतिक महक और हल्का मीठा स्वाद होता है।इसमें डिटर्जेंट, तेल या रसायन जैसी गंध आती है।

होटलों और रेस्टोरेंट्स पर भी गिरी गाज

मुंबई समेत पूरे राज्य में अस्वच्छता और घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने वाले रेस्टोरेंट्स और होटलों पर भी FDA की पैनी नजर है। पिछले कुछ हफ़्तों में दर्जनों भोजनालयों के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं और कई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

सरकार के इस सख्त रुख से साफ है कि अब आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी मिलावटखोर को बख्शा नहीं जाएगा।

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