Maharashtra Politics Shiv Sena: राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की आलोचना करते हुए सामना में कहा गया कि जब से उन्होंने राजभवन में कदम रखा है तब से भारतीय घटना और शिव राय के विचार को अरब सागर में डूबो रहे हैं। इसी राज्यपाल ने हाल ही में एक बयान देकर शिवाजी महाराज को कम दिखाने की कोशिश की थी।
Maharashtra Governor Bhagat Singh Koshyari Row: छत्रपति शिवाजी महाराज को पुराने जमाने का नायक बताकर नया विवाद खड़ा करने वाले राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने तीखी आलोचना की है। राज्यपाल के बयान को लेकर शिवसेना ने बीजेपी और शिंदे गुट पर भी निशाना साधा है। उद्धव गुट ने कहा कि शिवाजी महाराज का अपमान करने वालों को महाराष्ट्र की जनता के सामने नाक रगड़नी होगी और माफी मांगनी होगी।
शिवसेना ठाकरे गुट ने अपने मुखपत्र 'सामना' में राज्यपाल कोश्यारी पर हमला बोलते हुए आपत्तिजनक बात कही है। 'सामना' एडिटोरियल में कहा गया “जब राहुल गांधी ने महाराष्ट्र पहुँची 'भारत जोड़ो' यात्रा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सावरकर की दया याचिका के दस्तावेज़ दिखाकर विवाद खड़ा कर दिया, तो महाराष्ट्र में बीजेपी और उसके साथी मिंधे गुट (शिंदे गुट) समूह ने स्वाभिमान, अपमान आदि का हवाला देकर बवालशुरू कर दिया। कुछ बैल सड़कों पर उतर आए। उन्होंने यह कहकर राहुल गांधी पर हमला करने के लिए अभियान शुरू किया कि "अब शिवसेना क्या करेगी?" यह भी पढ़े-Maharashtra: शिवाजी महाराज तो पुराने जमाने के... आज के आदर्श नितिन गडकरी, राज्यपाल कोश्यारी का एक और विवादित बयान
शिवसेना (उद्धव गुट) ने कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एक बार फिर धूल खाकर छत्रपति शिवराय का अपमान किया है। महाराष्ट्र की अस्मिता और स्वाभिमान पर कदम रखते हुए उन्होंने कहा, ''शिवाजी महाराज पुराने हैं, पुराने जमाने के छत्रपति 'नायक' हैं।'' यह भयंकर बात है। शिवसेना ने कहा कि महाराष्ट्र में जहां वीर सावरकर की अवमानना का मामला सुर्खियों में था, वहीं बीजेपी और शिंदे गुट का पांव उनके ही राज्यपाल की धोती में फंस गया।
शिवसेना ने कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एक बार फिर मिट्टी खाकर छत्रपति शिव राय का अपमान किया है। महाराष्ट्र की अस्मिता और स्वाभिमान पर कदम रखते हुए उन्होंने कहा, ''शिवाजी महाराज पुराने हैं, पुराने जमाने के छत्रपति 'नायक' हैं।'' यह भयानक है। शिवसेना ने कहा कि महाराष्ट्र में जहां वीर सावरकर की अवमानना का मामला सुर्खियों में था, वहीं बीजेपी और मिंधे गुट अपने ही राज्यपाल की धोती में फंस गए।
राज्यपाल की आलोचना करते हुए सामना में कहा गया कि जब से उन्होंने राजभवन में कदम रखा है तब से भारतीय घटना और शिव राय के विचार को अरब सागर में डूबो रहे हैं। इसी राज्यपाल ने हाल ही में एक बयान देकर शिवाजी महाराज को कम दिखाने की कोशिश की थी। महाराष्ट्र बीजेपी शिवाजी महाराज के अपमान की स्क्रिप्ट में शामिल है।