
दिल्ली के कोचिंग संस्थानों में यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं की रहने की स्थितियों पर जारी बहस के बीच महाराष्ट्र की एक छात्रा की आत्महत्या का झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने कहा कि 21 जुलाई को ओल्ड राजिंदर नगर में 26 वर्षीय महिला ने आत्महत्या कर ली थी। वह कथित तौर डिप्रेशन से जूझ रही थी।
दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षा की पढ़ाई कर रही अकोला के गंगानगर इलाके की छात्रा अंजलि गोपनारायण ने 21 जुलाई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह चार साल से दिल्ली में रह रही थी। पुलिस ने कहा कि यूपीएससी अभ्यर्थी का शव ओल्ड राजिंदर नगर में उसके किराए के आवास में फांसी पर लटका हुआ मिला था। मृतक छात्रा का एक कथित सुसाइड नोट ऑनलाइन वायरल हो रहा है।
हालाँकि, परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे एक व्यक्ति परेशान कर रहा था। इस वजह से वह मानसिक रूप से परेशान थी। पुलिस ने कहा कि पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
कथित सुसाइड नोट में अंजलि ने कई चौंकाने वाली बातें कही है। पुलिस कांस्टेबल पिता की बेटी अंजलि ऑफिसर बनने का सपना लेकर दिल्ली गई थी। पढ़ाई और परीक्षा का तनाव, इन परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियां, ट्यूशन क्लास, हॉस्टल और दलालों की उगाही से आर्थिक और मानसिक तौर पर परेशान अंजलि ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर दी।
कथित सुसाइड नोट से साफ पता चलता है कि छात्रा कितना मानसिक और आर्थिक तनाव से जूझ रही थी। उसने अपने नोट में लिखा कि पीजी और हॉस्टल मालिक छात्रों से केवल पैसे वसूल रहे हैं। सुसाइड नोट में उसने अपने माता-पिता से माफी मांगी है।
अंजलि ने लिखा कि उसने बहुत कोशिश की लेकिन आगे नहीं बढ़ सकी। उसने डिप्रेशन से बाहर आने की बहुत कोशिश की, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका। उसका पहले ही प्रयास में यूपीएससी क्लियर करने का सपना था। उसने अपने सभी दोस्तों और परिवार को धन्यवाद दिया, जिन्होंने उसका समर्थन किया। वह खुद को असहाय महसूस कर रही थी।
सुसाइड नोट में अंजलि ने हमेशा साथ खड़ी रहने के लिए अपनी मौसी को धन्यवाद दिया है। सुसाइड नोट में स्माइल बनाकर अंजलि कहती है कि उसे पता है कि आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।