Maharashtra MLC Election Date: महाराष्ट्र की 9 एमएलसी सीटों के चुनाव को लेकर राज्य की राजनीति में हलचल तेज होने की संभावना है। खासकर महायुति और महाविकास आघाडी (MVA) के बीच संख्या बल और रणनीति को लेकर मुकाबला दिलचस्प रहने वाला है।
भारत निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) की 9 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा कर दी है। आयोग के अनुसार इन सीटों पर अगले महीने 12 मई को मतदान होगा। दरअसल, इन 9 सदस्यों का कार्यकाल 13 मई को समाप्त हो रहा है, जिसके चलते समय पर चुनाव कराना अनिवार्य हो गया है।
इस एमएलसी चुनाव में जिन सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें कई कद्दावर नेता शामिल हैं। इनमें उद्धव ठाकरे (शिवसेना UBT), नीलम गोरहे (शिवसेना शिंदे गुट), संजय केणेकर (भाजप), संदीप जोशी (भाजप), दादाराव केचे (भाजप), अमोल मिटकरी (एनसीपी अजित गुट), रणजीतसिंह मोहिते-पाटिल (भाजपा), राजेश राठौड़ (कांग्रेस) और शशिकांत शिंदे (एनसीपी शरद गुट) शामिल हैं।
इन नेताओं के कार्यकाल की समाप्ति के साथ ही राज्य की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, 23 अप्रैल को महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 2026 की अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद 30 अप्रैल तक उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 2 मई को की जाएगी, जबकि 4 मई तक उम्मीदवार अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकते हैं।
अगर चुनाव की स्थिति बनती है, तो 12 मई को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।
महाराष्ट्र विधान परिषद की इन सीटों का चुनाव सीधे जनता नहीं बल्कि निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें राज्य विधानसभा के सदस्य शामिल होते हैं। यानी राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा के विधायक इन 9 सीटों के लिए मतदान करेंगे। महाराष्ट्र विधान परिषद में कुल 78 सदस्य होते हैं, जिनमें से कुछ का चुनाव इसी प्रक्रिया के जरिए होता है।
288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के आंकड़ों को देखें तो भाजपा (BJP) के खाते में 5 सीटें, शिवसेना शिंदे गुट को 2, एनसीपी अजित पवार (NCP) को 1 और विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) को 1 सीट मिलने की उम्मीद है। एमवीए में कांग्रेस, शिवसेना उद्धव गुट और एनसीपी शरद गुट शामिल है।
हालांकि एनसीपी अजित गुट के पास 13 अतिरिक्त वोट हैं। ऐसे में सत्तारूढ़ महायुति (भाजपा, शिवसेना और एनसीपी) ने इस अतिरिक्त संख्या बल के आधार पर एक और उम्मीदवार उतारने का फैसला किया, तो यह चुनाव कांटे का हो सकता है। दरअसल महाराष्ट्र विधान परिषद का एक विधायक चुने जाने के लिए कम से कम 28 वोटों का कोटा होना अनिवार्य है।