
Vishalgad Fort Violence : महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के विशालगढ़ किले में अतिक्रमण रोधी अभियान तब हिंसक हो गया जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को किले के निचले हिस्से में रोक दिया। इस दौरान पथराव और आगजनी की गई। हिंसक भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और धर्मविशेष की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया।
जानकारी के मुताबिक, विशालगढ़ हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने गजापूर के कई घरों को निशाना बनाया और जमकर तोड़फोड़ की। पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह पुणे से आये कुछ दक्षिणपंथी समर्थकों को निषेधाज्ञा के मद्देनजर किले के निचले हिस्से में रोके जाने के बाद हिंसा भड़क उठी। कई पुलिसकर्मी घायल हुए है।
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों ने बताया 500 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और 21 को गिरफ्तार किया गया है।
हालांकि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए किले में पहले से 250 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
इस मामले में नेताओं समेत 500 से अधिक लोगों के खिलाफ चार मामले दर्ज किए हैं। 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अन्य की तलाश जारी है। खबर है कि किले तक मार्च का नेतृत्व करने के लिए मराठा शाही परिवार के वंशज संभाजीराजे छत्रपति पर भी केस दर्ज किया गया है।
बता दें कि विशालगढ़ किले का मराठा इतिहास में गहरा महत्व है क्योंकि छत्रपति शिवाजी महाराज 1660 में पन्हाला किले में घेराबंदी के बाद यहां बचकर आए थे।
रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर संजय तेली ने मुहर्रम और आषाढ़ी एकादशी उत्सव के मद्देनजर कोल्हापुर जिले में 15 से 29 जुलाई तक निषेधाज्ञा लागू की है। इस बीच, हिंदुत्व संगठनों ने रविवार को विशालगढ़ किले पर अतिक्रमण हटाने की धमकी दी थी। जिसके मद्देनजर किले पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
बताया जा रहा है कि पूर्व सांसद संभाजीराजे छत्रपति और अन्य हिंदूवादी संगठनों ने किले पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए 14 जुलाई को विशालगढ़ किले पर जाने की धमकी दी थी। इसलिए विशालगढ़ किले पर 250 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। कथित तौर पर विशालगढ़ किले पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अवैध अतिक्रमण किया है। हालांकि यह मामला अदालत में लंबित है।
संभाजीराजे छत्रपति ने हाल ही में कहा था कि रविवार सुबह विशालगढ़ किले की ओर हम जा रहे हैं। किलों पर बकरे-मुर्गियों का कत्ल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किले पर से सभी अतिक्रमणों को हटाया जाना चाहिए, भले वह किसी भी जाति और धर्म के लोगों या फिर सरकार के ही क्यों न हो।