Pre-Monsoon in Maharashtra: मराठवाड़ा, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि (hailstorm) की भी संभावना है। इससे फसलों को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है।
देशभर में मौसम ने अचानक करवट ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और मध्य भारत में अगले कुछ दिनों तक छिटपुट गरज, बिजली, तेज हवा के साथ भारी बारिश और ओले पड़ने की संभावना है। महाराष्ट्र की बात करें तो 19 और 20 मार्च को मुंबई, ठाणे और पालघर सहित राज्य के बड़े हिस्से में हल्की बारिश, गरज के साथ छींटे और बिजली गिरने की संभावना है। मुंबई के कुछ उपनगरों में दोपहर के बाद बादल छाए रहने और हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है।
मौसम में यह अचानक बदलाव उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और स्थानीय मौसमी प्रणालियों के प्रभाव के कारण हुआ है। आमतौर पर मार्च का महीना शुष्क रहता है, लेकिन इस बेमौसम बारिश से आगामी कुछ दिनों तक तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने राज्य के 9 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जहां आंधी के साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा मंडरा रहा है। जिन जिलों को विशेष रूप से सतर्क रहने के लिए कहा गया है, उनमें जलगांव, नासिक, अहिल्यानगर, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, हिंगोली, नांदेड़ और बीड शामिल हैं।
आईएमडी मुंबई के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि मराठवाड़ा, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है। तेज हवाओं और बिजली कड़कने की संभावना को देखते हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।ओलावृष्टि से फसलों को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान से महाराष्ट्र की ओर बढ़े एंटी साइक्लोन (Anticyclone) और पूर्वी तट से आने वाली नम हवाओं के आपस में मिलने से यह स्थिति बनी है। विदर्भ से लेकर प्रायद्वीपीय भारत के आंतरिक हिस्सों तक बने एक 'ट्रफ' के कारण प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बदलाव से विशेष रूप से विदर्भ और मराठवाड़ा के लोगों को भीषण गर्मी और लू से बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 21 मार्च से मौसम साफ होना शुरू होगा और मार्च के अंत तक मौसम सुहावना बना रह सकता है, यानी चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से फिलहाल राहत मिलती दिख रही है।
आईएमडी के अनुसार, देश के कई हिस्सों में व्यापक गरज-चमक की गतिविधियों और लगातार पश्चिमी विक्षोभों के आने के कारण अगले एक सप्ताह तक दिन का तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने की संभावना है। अगले एक सप्ताह तक हीटवेव की संभावना नहीं है।