
Manoj Jarange Audio Clip: महाराष्ट्र में 500 करोड़ रुपये के कथित ऑडियो क्लिप विवाद को लेकर मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है। जरांगे ने कहा कि यदि इस मामले में शिंदे का कोई हाथ नहीं है, तो उन्हें आरोपियों को बचाने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने भाजपा की संभावित भूमिका की भी जांच करने की मांग की। मनोज जरांगे द्वारा पिछले हफ्ते जारी की गई एक ऑडियो क्लिप की जांच के लिए राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है।
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने कहा कि इस विवाद में सच सामने आना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उनकी ओर से कही गई बातें सच हैं और उन्हें बदनाम करने के लिए पर्दे के पीछे से साजिश रची गई हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मामले की पूरी जांच नहीं कराई, तो 29 तारीख को उनका सीधा सामना हमसे होगा। बता दें कि इस क्लिप में कुछ अज्ञात लोग इस बारे में बात करते सुनाई दे रहे हैं कि शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे ने मराठा आंदोलन को दबाने के लिए मनोज जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए हैं।
मनोज जरांगे ने कहा कि राजनीति में गठबंधन और सत्ता के समीकरण बदलते रहते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता महत्वपूर्ण होती है। अगर एकनाथ शिंदे का इस मामले से कोई संबंध नहीं है, तो उन्हें दोषियों को बचाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
जरांगे ने कहा कि इस मामले में भाजपा की भूमिका सामने आती है, तो उसकी भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके शुरुआती आकलन के अनुसार संभव है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी ही न हो। उन्होंने आशंका जताई कि किसी व्यक्ति, संगठन या संस्था ने उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से पर्दे के पीछे से यह कथित साजिश रची हो सकती है।
उन्होंने फडणवीस और शिंदे दोनों से मामले की अंतिम तह तक जांच कराने की मांग की। जरांगे के मुताबिक, यदि जांच नहीं होती और सरकार लगातार आरोपों को झूठा बताकर खारिज करती रहती है, तो लोगों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि कहीं इसके पीछे देवेंद्र फडणवीस ही तो नहीं हैं।
कथित ऑडियो क्लिप में इस्तेमाल की गई भाषा और अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठाते हुए जरांगे ने कहा कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, अमेरिका और चीन के वित्तीय संकट या बंदरगाहों के विकास जैसे जटिल विषयों की तकनीकी जानकारी होने का दावा करना हास्यास्पद है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मुंह में ऐसे शब्द और राजनीतिक बयान डाले जा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल वह कभी नहीं करते। जरांगे ने कहा कि भाजपा के एक प्रवक्ता ने भी इस तरह की कहानी पेश करने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल आपस में जो चाहें चर्चा करें, लेकिन अपने लोगों को बचाने के लिए उन्हें निशाना न बनाया जाए। जरांगे ने मराठा समुदाय का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी समुदाय के लोगों ने अपने वोटों के जरिए नेताओं को सत्ता तक पहुंचाया है।
मनोज जरांगे ने उम्मीद जताई कि 500 करोड़ रुपये के कथित ऑडियो क्लिप विवाद की 100 प्रतिशत निष्पक्ष और विस्तृत जांच होगी। उन्होंने कहा कि मामले में सच्चाई सामने लाना जरूरी है, ताकि किसी को भी राजनीतिक फायदे के लिए बदनाम न किया जा सके।
हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि मामले की उचित जांच नहीं की गई, तो 29 तारीख को टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। जरांगे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी स्थिति में मुकाबला सीधे उनसे होगा।
फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है।