
Amruta Fadnavis on Manoj Jarange Patil: मराठा आरक्षण के मुद्दे को लेकर मनोज जरांगे पाटिल का आंदोलन एक बार फिर चर्चा में है। आरक्षण में खामियों को दूर करने और प्रमाण पत्र से जुड़े मुद्दे को लेकर जरांगे भूख हड़ताल पर हैं और अब मुंबई की ओर रवाना हो चुके हैं। इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि मनोज जरांगे गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में शांतिपूर्वक अपना आंदोलन करेंगे।
इसके साथ ही अमृता फडणवीस ने कहा कि मेरा मानना है कि मेरे भाई त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए शांतिपूर्वक अपना काम करेंगे।' उन्होंने मराठा आरक्षण के मुद्दे को संवेदनशील बताते हुए कहा कि राज्य सरकार इस मामले का समाधान निकालने के प्रयास कर रही है।
दरअसल, दो दिन पहले अमृता फडणवीस ने मनोज जरांगे की भूख हड़ताल को लेकर कहा था कि 'मनोज जरांगे मेरे भाई हैं, मैं उन्हें रात के खाने पर आमंत्रित करूंगी।' इसके जवाब में मनोज जरांगे ने भी कहा था कि वह भाऊबीज के दिन अमृता फडणवीस के घर जाएंगे।
मनोज जरांगे पाटिल मुंबई आने के अपने फैसले पर कायम हैं। उनके समर्थकों की 12 सितंबर को बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें मुंबई आने को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। जरांगे का कहना है कि उन्होंने मुंबई के आजाद मैदान में प्रदर्शन की अनुमति मांगी है और सरकार की ओर से अनुमति दिए जाने की उम्मीद है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के मुंबई की ओर बढ़ने का जिक्र करते हुए 'बिना नाक दबाए मुंह नहीं खोलना चाहिए' वाली कहावत पर भी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
जरांगे के आंदोलन को मराठवाड़ा के अलग-अलग जिलों से समर्थन मिल रहा है। लातूर तालुका के चिंचोलिराव वाडी क्षेत्र में मराठा समुदाय के लोगों ने लातूर-बरशी सड़क पर करीब दो घंटे तक जाम लगाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
वहीं, निलंगा तालुका के नितुर में लातूर-जहीराबाद हाईवे पर टायर जलाकर रास्ता रोका गया। एक तरफ जरांगे के आंदोलन के समर्थन में समूह सड़कों पर उतर रहे हैं, तो दूसरी ओर सरकार की ओर से अलग-अलग जिलों में अब तक जारी किए गए प्रमाण पत्रों का आंकड़ा सामने रखने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गणेशोत्सव के बीच जरांगे के मुंबई पहुंचने से आंदोलन और कानून-व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। इसी संदर्भ में अमृता फडणवीस का बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।