
अमृता फडणवीस ने मनोज जरांगे को बताया अपना भाई (Photo: IANS/File)
Manoj Jarange Patil Amruta Fadnavis: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस के एक बयान ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमृता फडणवीस ने मराठा आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मनोज जरांगे पाटील को अपना भाई बताया। उन्होंने उन्हें अपने घर पर भोजन के लिए आमंत्रित भी किया। अब जरांगे ने इस निमंत्रण पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान मनोज जरांगे से अमृता फडणवीस के बयान को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि अगर बहन ने बुलाया है तो वह भोजन के लिए जरूर जाएंगे, लेकिन आंदोलन के बीच घर पर खाने के लिए बुलाने को लेकर उन्होंने अपनी बात भी रखी।
अमृता फडणवीस के निमंत्रण पर मनोज जरांगे ने कहा, “बड़ी बहन ने कहा है ना, तो खाने पर जाऊंगा।” हालांकि उन्होंने आगे कहा कि जब भाई मैदान में है और आंदोलन कर रहा है, तब बहन को उसे भोजन के लिए नहीं बुलाना चाहिए। जरांगे ने कहा कि शिकार के समय इधर-उधर नहीं देखना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि वह भाई दूज के मौके पर भोजन के लिए जरूर आएंगे।
जरांगे ने कहा, “बहन हमें भाई दूज पर बुलाए। मैं साड़ी लेकर जाऊंगा।” उनके इस जवाब के बाद अमृता फडणवीस का ‘भाई’ वाला बयान और जरांगे की प्रतिक्रिया राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।
दरअसल, बुधवार रात नागपुर में एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों ने अमृता फडणवीस से मनोज जरांगे और उनके आंदोलन को लेकर सवाल किया था। इस पर उन्होंने कहा था, 'मनोज जरांगे जी मेरे भाई हैं और मैं उन्हें हमारे घर भोजन के लिए आमंत्रित करती हूं।”
अमृता फडणवीस के इस बयान को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब मनोज जरांगे मराठा समुदाय को ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
मनोज जरांगे मराठा आरक्षण की मांग को लेकर जालना जिले में अपने गांव अंतरवाली सराटी गांव में पिछले 13 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में हैदराबाद और सतारा गजट में दर्ज रिकॉर्ड को लागू करना और मराठा समुदाय के पात्र लोगों को कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी करना शामिल है। जरांगे की मांग है कि पात्र मराठा लोगों को कुनबी प्रमाणपत्र दिया जाए, जिससे उन्हें ओबीसी आरक्षण का लाभ मिल सके। इस मुद्दे को लेकर राज्य में राजनीतिक माहौल लगातार गरम बना हुआ है।
उधर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी मनोज जरांगे के मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच सरकार का रुख स्पष्ट किया है। मंगलवार को उन्होंने कहा था कि सरकार संविधान के दायरे में जो भी संभव होगा, वह करेगी, लेकिन एक समुदाय का हिस्सा लेकर दूसरे समुदाय को नहीं दिया जाएगा।
फडणवीस ने कहा था कि सरकार ने बातचीत के दरवाजे कभी बंद नहीं किए हैं और चर्चा के जरिए समाधान निकालने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी प्रक्रिया को इसी भावना के साथ आगे बढ़ा रही है।
ऐसे में एक तरफ जरांगे पाटिल का आंदोलन जारी है, तो दूसरी तरफ सरकार की ओर से बातचीत और संवैधानिक दायरे में समाधान निकालने की बात कही जा रही है। इसी बीच अमृता फडणवीस का जरांगे को ‘भाई’ बताना और जरांगे का भाई दूज पर घर आने का वादा इस पूरे मामले में चर्चा का विषय बन गया है।
Updated on:
10 Sept 2026 03:00 pm
Published on:
10 Sept 2026 02:54 pm
