
पंकित ठक्कर ने रोनित रॉय पर दिया बयान (Photo Source- Instagram/rohitboseroy)
Pankit Thakker On Rohit Roy Statement TV Dustbin Medium: टेलीविजन इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता पंकित ठक्कर ('दिल मिल गए', 'बहू हमारी रजनीकांत') ने अभिनेता रोहित रॉय के उस विवादित बयान पर तीखा हमला बोला है, जिसमें उन्होंने टीवी को 'कचरा माध्यम' बताया था और छोटे पर्दे के कलाकारों में क्लास व स्टाइल की कमी की बात कही थी। साल 2000 में रोहित रॉय के साथ काम कर चुके पंकित ठक्कर ने इस टिप्पणी को बेहद दुखद, अहंकार से भरा बताया है।
अभिनेता पंकित ठक्कर ने IANS संग खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने रोहित रॉय के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा जहां खाया वहीं थूकना नहीं चाहिए।
पंकित ठक्कर ने कहा, "हमारे उद्योग में एक अलिखित नियम है कि जिस थाली में आपको पहला भोजन मिला हो, उसमें कभी थूकना नहीं चाहिए। क्लास का मतलब महंगे सूट पहनना या इंटरव्यू में फर्राटेदार अंग्रेजी बोलना नहीं होता। क्लास का असली मतलब 'कृतज्ञता' (Gratitude) होता है। टेलीविजन ने हम सभी को हमारी पहली पहचान दी और देश के हर घर तक पहुंचाया है। हम इस एहसान को कैसे भूल सकते हैं?"
पंकित ने इंडस्ट्री के दिग्गजों की विनम्रता का उदाहरण देते हुए रोहित रॉय को आईना दिखाया। रोहित ने 'स्वाभिमान' शो की बात की, लेकिन क्या वह भूल गए कि उनके साथ मनोज बाजपेयी और आशुतोष राणा भी थे? 4 नेशनल अवॉर्ड जीत चुके मनोज सर या आशुतोष सर ने कभी टीवी को कचरा नहीं कहा।"
पंकित ने आगे दिवंगत इरफान खान का भी जिक्र किया और बोले, "इरफान सर ने 'बनेगी अपनी बात' और 'चंद्रकांता' से शुरुआत कर 'लाइफ ऑफ पाई' और 'जुरासिक वर्ल्ड' जैसी हॉलीवुड फिल्में कीं, पर कभी किसी माध्यम को छोटा नहीं बताया। शाहरुख खान ने 'फौजी' और 'सर्कस' से शुरुआत की। अमिताभ बच्चन सर को 'KBC' से दूसरा जीवन मिला और सलमान खान 10 साल से टीवी पर हैं। जब ये दिग्गज टीवी का सम्मान करते हैं, तो हम कौन होते हैं?"
पंकित ने आगे कहा, “रोहित को अगर गरिमा देखनी है, तो अपने बड़े भाई रोनित रॉय से सीखनी चाहिए। 'कसौटी' और 'क्योंकि' से सुपरस्टार बनने के बाद उन्होंने 'उड़ान' और '2 स्टेट्स' जैसी बेहतरीन फिल्में कीं, लेकिन कभी टीवी का अपमान नहीं किया।"
रोहित रॉय के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए पंकित ने कहा कि यह बेहद हास्यास्पद है कि कोई बड़े सिनेमा की बातें करे, टीवी को कूड़ेदान कहे और फिर खुद मोबाइल ऐप के 1 मिनट के वर्टिकल वीडियो में काम करे। पंकित ने आखिर में कहा कि टीवी कलाकार और क्रू मेंबर्स रोजाना 16-16 घंटे कड़ी मेहनत करते हैं। टीवी को कचरा कहना उन लाखों भारतीय परिवारों और दर्शकों का सीधा अपमान है, जो हर रात हमें अपने लिविंग रूम में जगह देते हैं।
Updated on:
12 Sep 2026, 1:04 PM IST
Published on:
12 Sep 2026, 12:55 PM IST
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