मुंबई

​​​​​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले ‘कटहल किंग’, 12 मिनट की मुलाकात में खेती से बाजार तक हुई चर्चा

Jackfruit King Mithilesh Desai: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान रत्नागिरी के किसान और उद्यमी मिथिलेश देसाई ने कटहल की खेती, प्रोसेसिंग और इससे जुड़े उत्पादों की संभावनाओं पर चर्चा की। देसाई ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ उनकी करीब 12-13 मिनट तक बातचीत हुई।
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Aug 13, 2026
Jackfruit King Mithilesh Desai
पीएम मोदी से मिलते किसान और उद्यमी मिथिलेश देसाई। फोटो (X- @Manoj_Indore)

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान रत्नागिरी के किसान और उद्यमी ‘जैकफ्रूट किंग’ मिथिलेश देसाई ने देश में कटहल की खेती, प्रोसेसिंग और उससे बनने वाले वैल्यू-एडेड उत्पादों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। यह मुलाकात एनसीपी (एसपी) नेता और सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले के वेडिंग रिसेप्शन के दौरान हुई। देसाई ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ उनकी करीब 12-13 मिनट तक बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने कटहल की विभिन्न किस्मों, उसकी उपयोगिता और पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों के बारे में जानकारी दी।

'बातचीत बेहद सकारात्मक रही'

मिथिलेश देसाई ने कहा कि उन्हें पवार परिवार के घरेलू कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि बातचीत बेहद सकारात्मक रही और प्रधानमंत्री ने कटहल की खेती तथा इससे जुड़े कार्यों में काफी रुचि दिखाई। देसाई ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को कटहल से तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पाद दिखाए और बताया कि किस तरह कटहल को केवल फल के रूप में नहीं, बल्कि कृषि आधारित उद्योग और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स के बड़े क्षेत्र के तौर पर विकसित किया जा सकता है।

काम से जुड़े दस्तावेज दिए

उन्होंने बताया कि उनके पिता पिछले करीब 30 साल से कटहल के क्षेत्र में काम कर रहे हैं, जबकि वह स्वयं पिछले 12-13 साल से इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान उनकी टीम ने कटहल की खेती, प्रोसेसिंग और उससे जुड़े उत्पादों के क्षेत्र में कई तरह के प्रयोग और नवाचार किए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपने काम से जुड़े दस्तावेज भी दिए, जिन्हें पीएम मोदी ने रुचि के साथ देखा और इस क्षेत्र की संभावनाओं को समझने के लिए कई सवाल पूछे। किसान एवं उद्यमी ने बताया कि कटहल से तैयार किए जा रहे उत्पादों में जैकफ्रूट फ्लोर और जैकफ्रूट सीड फ्लोर प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि जैकफ्रूट फ्लोर का इस्तेमाल डायबिटीज से जुड़े आहार विकल्पों के तौर पर किया जा सकता है, जबकि कटहल के बीज से तैयार फ्लोर प्रोटीन के स्रोत के रूप में उपयोगी हो सकता है।

प्रधानमंत्री ने विशेष रुचि दिखाई

देसाई ने कहा कि इन उत्पादों के बारे में जानकारी मिलने पर प्रधानमंत्री ने विशेष रुचि दिखाई और उनसे इनके निर्माण, उपयोग तथा संभावित बाजार को लेकर सवाल-जवाब किए। उद्यमी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि और टेक्नोलॉजी को एक साथ जोड़कर किए जा रहे उनके प्रयासों की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया। देसाई ने बताया कि उनकी टीम लंबे समय से इस क्षेत्र में काम कर रही है और अब उन्होंने अपने प्रयासों को एक संगठित प्लेटफॉर्म के रूप में आगे बढ़ाना शुरू किया है। इसके तहत किसान उत्पादों के साथ-साथ एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भी बनाई गई है, जिसके माध्यम से निजी निवेश जुटाने और कटहल आधारित कारोबार को बड़े स्तर पर विकसित करने की कोशिश की जा रही है।

बताया अपना लक्ष्य

मिथिलेश देसाई ने कहा कि उनका लक्ष्य कटहल को पूरे देश में एक संगठित कृषि फसल के तौर पर विकसित करना है। उनका प्रयास है कि कटहल से बनने वाले विभिन्न उत्पाद और बाई-प्रोडक्ट अलग-अलग राज्यों में उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की ओर से सहयोग और उचित नीतिगत समर्थन मिलता है तो देश में कटहल का एक बड़ा कृषि क्लस्टर विकसित किया जा सकता है। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, परिवहन और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

अर्थव्यवस्था को व्यापक लाभ मिलेगा

उन्होंने कहा कि निजी निवेश के साथ सरकार का सहयोग मिलने पर कटहल की खेती और इससे जुड़े उद्योग को संगठित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है। उन्होंने कहा कि पवार परिवार के कार्यक्रम में हुई इस मुलाकात से उन्हें अपने काम को राष्ट्रीय स्तर पर सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर मिला। मिथिलेश देसाई ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत से उन्हें अपने कारोबार और भविष्य की योजनाओं को लेकर काफी प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि कटहल को संगठित कृषि फसल के रूप में विकसित करने की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर पहल होती है तो इससे देश के किसानों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को व्यापक लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि कृषि, तकनीक और प्रोसेसिंग को एक साथ जोड़कर कटहल को देश में बड़े आर्थिक अवसर में बदला जा सकता है।

Updated on:
13 Aug 2026 06:26 pm
Published on:
13 Aug 2026 06:26 pm
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