
Modi Cabinet Reshuffle News: मोदी सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि आगामी दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल कर सकते हैं। कई राज्यों में बदलती राजनीतिक परिस्थितियों, आगामी विधानसभा चुनावों और एनडीए के भीतर नए समीकरणों को देखते हुए मोदी कैबिनेट में जल्द फेरबदल हो सकता है । सत्तारूढ़ दल के शीर्ष स्तर से मिल रहे संकेतों से भी इन अटकलों को बल मिला है। इस बीच, महाराष्ट्र से कई नेताओं को दिल्ली में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के बाद शिंदे गुट का राजनीतिक कद और बढ़ गया है। एनडीए में शिंदे की शिवसेना संख्या बल के हिसाब से नंबर चार पर पहुंच चुकी है। ऐसे में चर्चा है कि शिंदे सेना के दो सांसदों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों के शिंदे सेना में आने के बाद अब लोक सभा में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के कुल 13 सांसद हो गए हैं। नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के बाद एनडीए में शिंदे सेना चौथी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी बन गई है। ऐसे में पार्टी की ओर से केंद्र में अधिक प्रतिनिधित्व की मांग भी तेज हो गई है।
फिलहाल शिवसेना (शिंदे गुट) से सिर्फ प्रतापराव जाधव ही मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आगामी विस्तार में एकनाथ शिंदे के सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे और ओमराजे निंबालकर या संजय जाधव में से किसी एक सांसद को केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव को संगठन में अहम जिम्मेदारी दिए जाने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सुनेत्रा अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। महाराष्ट्र में भाजपा नीत महायुति गठबंधन में शामिल होने के बाद से ही पार्टी केंद्र में कैबिनेट मंत्री पद की मांग करती रही है। हालांकि, पिछले दो वर्षों में उसे केवल राज्य मंत्री (MoS) पद की पेशकश की गई थी, जिसे पार्टी ने स्वीकार नहीं किया। बताया जा रहा है कि इस बार एनसीपी को कैबिनेट मंत्री पद मिलने की उम्मीद है।
जब 2024 में लगातार तीसरी बार एनडीए सरकार का गठन हुआ था, तब एनसीपी के हिस्से में राज्य मंत्री पद आया था। लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल पहले कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, इसलिए उन्होंने राज्य मंत्री का पद लेने से इनकार कर दिया था। वहीं, सांसद सुनील तटकरे को मंत्री बनाने के बजाय संसदीय समिति में जिम्मेदारी दी गई थी। इसी वजह से एनसीपी पिछले दो वर्षों से कैबिनेट मंत्री पद की प्रतीक्षा कर रही है।
इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र भाजपा के एक बड़े नेता को केंद्र में वित्त मंत्रालय की बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। शरद पवार के पोते रोहित ने यह भी दावा किया कि हाल ही में उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर सत्ता पक्ष में शामिल हुए छह सांसदों में से एक को भी केंद्रीय मंत्री बनाया जा सकता है।
रोहित पवार के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि शिंदे सेना में शामिल हुए छह सांसदों में से आखिर किसे मोदी सरकार में मंत्री पद मिल सकता है।
हालांकि, केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अभी तक केंद्र सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल सभी चर्चाएं राजनीतिक अटकलों तक सीमित हैं। अंतिम फैसला मंत्रिमंडल विस्तार के बाद ही साफ होगा।