मुंबई

36 देशों में बैंक खाते पर पंजीकृत कहीं नहीं… ममदानी के मोहन भागवत विरोध पर कांग्रेस का निशाना, उद्धव सेना RSS के साथ खड़ी

RSS प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम को लेकर सियासत तेज हो गई है। न्यूयॉर्क शहर के पहले भारतीय-अमेरिकी मेयर जोहरान ममदानी ने इस कार्यक्रम का विरोध किया है। कांग्रेस और शिवसेना के दोनों गुटों ने इस पर प्रतिक्रियाएं दी हैं।
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Aug 26, 2026
Zohran Mamdani on RSS New York Event
मोहान भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम पर सियासी घमासान (Photo: IANS/File)

Zohran Mamdani on RSS New York Event: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे को लेकर सियासत तेज हो गई है। संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत अमेरिका पहुंचे भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के हजारों लोगों के जुटने की उम्मीद है। आयोजन को लेकर न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के विरोध के बाद भारत में भी राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है।

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने जताया विरोध

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने मंगलवार को कार्यक्रम का समर्थन करने से इनकार कर दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब उनसे पूछा गया कि क्या मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले कार्यक्रम को रद्द किया जाना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि वह इस आयोजन का समर्थन नहीं करते, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर प्रशासन के पास है या नहीं। ममदानी ने कहा कि भारत को लेकर उनकी समझ एक बहुलतावादी और धर्मनिरपेक्ष समाज की रही है।

कांग्रेस ने RSS पर उठाए सवाल

ममदानी के बयान के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस नेता नाना पटोले ने भी मोहन भागवत के अमेरिका दौरे को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने RSS की संगठनात्मक संरचना, फंडिंग और उसके खातों के ऑडिट को लेकर आरोप लगाए और सवाल किया कि विरोध के बावजूद भागवत अमेरिका क्यों गए।

पटोले ने कहा, “मैं बार-बार कहता रहा हूं कि यह संगठन न तो महाराष्ट्र में पंजीकृत है और न ही देश में कहीं और पंजीकृत है। यह संगठन एनजीओ की आड़ में पूरे देश में काम कर रहा है। इसके दुनिया के 36 देशों में बैंक खाते हैं। इसके फंड के स्रोत और उसका इस्तेमाल किस तरह किया जाता है, इसका कोई ऑडिट नहीं है। न्यूयॉर्क और पूरे अमेरिका में इसे पहले ही दहशतवादी संगठन घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद विरोध के बीच मोहन भागवत वहां क्यों गए? यह अब जांच का विषय बन गया है।"

उद्धव गुट ने कहा- यह देश का अपमान

शिवसेना (UBT) प्रवक्ता आनंद दुबे ने ममदानी के विरोध पर अलग रुख अपनाया। उन्होंने RSS को करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा संगठन बताते हुए कहा कि भारत के किसी नेता या प्रमुख व्यक्ति के विदेश दौरे के दौरान इस तरह का विरोध गलत है। दुबे ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन जब भारत का कोई नेता विदेश जाता है तो उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।

उद्धव ठाकरे गुट के नेता आनंद दुबे ने कहा कि विदेश में किसी भारतीय नेता या प्रमुख का अपमान पूरे देश का अपमान है। उन्होंने कहा कि हमारे आपसी राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब कोई भारतीय प्रतिनिधि विदेश जाता है, तो वहां उसका विरोध करना देश को चुनौती देने जैसा है। ममदानी को मेहमानों का स्वागत करने की शिष्टाचार परंपरा का पालन करना चाहिए।

शिंदे सेना ने गिनाईं RSS से जुड़ी सेवा गतिविधियां

शिवसेना (शिंदे गुट) की प्रवक्ता शाइना एनसी ने भी ममदानी के रुख की आलोचना की। उन्होंने कहा कि RSS से जुड़ी सेवा संस्थाओं ने अमेरिका में आपदा और कोरोना महामारी जैसे संकटों के दौरान कई काम किये है।

उन्होंने ममदानी पर ‘तुष्टीकरण की राजनीति’ और ‘दोहरे मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया। शाइना एनसी ने कहा कि अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोग डॉक्टर, इंजीनियर, टैक्सी ड्राइवर समेत विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं और उनके बीच मोहन भागवत का कार्यक्रम होना स्वाभाविक है।

शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने मेयर ममदानी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आरएसएस की 'सेवा इंटरनेशनल' ने अमेरिका में 200 से अधिक परियोजनाओं पर काम किया है- चाहे वह चक्रवात हो या कोविड का संकट, संगठन हमेशा मदद के लिए आगे रहा है। एफबीआई (FBI) ने भी उनके काम की सराहना की है। शाइना ने कहा कि मोहन भागवत ने दो लाख हिंदू अमेरिकियों को संबोधित किया है, जो डॉक्टर, इंजीनियर और टैक्सी ड्राइवर हैं और अमेरिका के विकास में योगदान देते हैं, इसके विपरीत, आप तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं।

मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होगा कार्यक्रम

‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ का आयोजन 'अहेड फोरम' की ओर से किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का संदेश ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी ‘दुनिया एक परिवार है’ की भावना पर आधारित है। कार्यक्रम में मोहन भागवत मुख्य वक्ता होंगे और करीब 5,000 लोगों को संबोधित करने की बात कही गई है। भागवत का यह दौरा RSS के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क कार्यक्रम का हिस्सा है। उनके अमेरिका के अलावा कनाडा और ब्रिटेन जाने का भी कार्यक्रम है।

Updated on:
26 Aug 2026 03:06 pm
Published on:
26 Aug 2026 02:41 pm