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Monsoon Update: समय से पहले आ सकता है मॉनसून, जानें महाराष्ट्र में कब होगी एंट्री

Mumbai Monsoon 2026: मौसम विभाग ने इस साल मॉनसून सीजन में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया है। इस साल 'अल नीनो' का असर बारिश पर पड़ेगा।

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Apr 29, 2026
अंडमान और केरल में समय से पहले दस्तक दे सकता है मानसून 2026 (Patrika File Photo)

Good news on Monsoon 2026: अप्रैल महीने में देशभर में भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। महाराष्ट्र सहित देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्से हीटवेव की चपेट में हैं। इस बीच अल नीनो (El Nino Effect On Indian Monsoon) के प्रभाव के कारण मानसून के देर से आने की आशंका जताई जा रही थी, जिससे किसानों और सरकार दोनों की चिंता बढ़ गई थी। लेकिन मानसून 2026 से जुड़ी नई जानकारी ने बड़ी राहत दी है। ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक इस साल मानसून समय से पहले भारत में दस्तक दे सकता है।

यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट (ECMWF) के ताजा अनुमान के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार समय से पहले दस्तक दे सकता है और मई के आखिर तक दक्षिण भारत में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

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अंडमान-निकोबार में सबसे पहले पहुंचेगा मानसून

यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम रेंज वेदर फोरकास्ट (ECMWF) के नए अनुमान के अनुसार, मानसून 18 से 25 मई के बीच अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में प्रवेश कर सकता है। हर साल दक्षिण-पश्चिम मानसून यहीं से भारत में अपनी शुरुआत करता है।

अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो इस साल मानसून की शुरुआत सामान्य से पहले मानी जाएगी।

दक्षिण भारत में मई के अंत तक बारिश की एंट्री!

पूर्वानुमान के अनुसार, मई के मध्य या अंत तक अंडमान-निकोबार के साथ-साथ दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश शुरू हो सकती है। इस दौरान 30 से 60 मिमी या उससे अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद 25 मई से 1 जून के बीच केरल और तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्सों में मानसून के पहुंचने का अनुमान है।

केरल में भी समय से पहले हो सकता है आगमन

मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है, लेकिन इस साल इसके 25 मई तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। इस दौरान तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्सों में भी मानसून दस्तक दे सकता है।

ECMWF के मॉडल्स के अनुसार, दक्षिण बंगाल की खाड़ी के ऊपर अनुकूल हवाएं बनने लगी हैं। हालांकि हर साल हिंद महासागर से आने वाली नम हवाएं भारत तक पहुंचकर बारिश लाती हैं। हालांकि मानसून की गति कई कारकों पर निर्भर करती है, लेकिन मौजूदा संकेत इस बार भी इसके जल्दी आने की मजबूत संभावना दिखा रहे हैं।

महाराष्ट्र में कब होगी एंट्री?

मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून आमतौर पर 1 जून को केरल के तट पर दस्तक देता है और इसके बाद सात से आठ दिनों में महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में मॉनसून की एंट्री होती है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में मॉनसून का जल्दी आगमन जरूरी नहीं कि महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों में भी मॉनसून जल्दी पहुंचेगा। मॉनसून को आगे बढ़ने के लिए बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की जटिल परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।

बता दें कि 2025 में 25 मई को मॉनसून ने महाराष्ट्र में दस्तक दे दी थी।

किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत

मानसून के समय से पहले आने की संभावना किसानों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है, क्योंकि इससे खेती की तैयारियों को गति मिलेगी। साथ ही भीषण गर्मी से जूझ रहे आम लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

हालांकि अभी अंतिम स्थिति मानसून की प्रगति पर निर्भर करेगी, लेकिन शुरुआती संकेत सकारात्मक बताये जा रहे हैं। मौसम विभाग और विशेषज्ञ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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Updated on:
29 Apr 2026 05:03 pm
Published on:
29 Apr 2026 05:02 pm
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