
MaharashtraFDA Paper Leak: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने दावा किया है कि परीक्षा से दो दिन पहले ही प्रश्नपत्र के अधिकांश सवाल पैसे देने वाले अभ्यर्थियों तक पहुंच गए थे। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। रोहित पवार के आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, MPSC की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रोहित पवार के मुताबिक, ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती की अधिसूचना 29 जुलाई 2025 को जारी हुई थी। परीक्षा 22 मार्च 2026 को आयोजित की गई, जिसमें करीब 44,500 अभ्यर्थी शामिल हुए। इसका परिणाम 12 जून 2026 को घोषित किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा से दो दिन पहले यानी 20 मार्च को कुछ अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन पर प्रश्नपत्र की PDF भेजी गई थी। उनका दावा है कि जिन उम्मीदवारों ने पैसे दिए, उन्हें यह PDF उपलब्ध कराई गई और मूल प्रश्नपत्र के 100 में से 90 सवाल पहले ही लीक हो चुके थे।
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि इस कथित पेपर लीक के लिए 12 लाख रुपये लिए गए। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में नंदुरबार की एक एकेडमी का नाम सामने आया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह NEET परीक्षा में प्रश्नपत्र तैयार करने से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई थी, उसी तरह MPSC मामले में भी पेपर तैयार करने वाले लोग ही इस कथित लीक कांड में शामिल हो सकते है।
विधायक ने दावा किया कि कुछ अभ्यर्थियों ने 21 जुलाई को MPSC के पास इस मामले की शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक आयोग की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत करने वाले छात्रों को राहत देने के बजाय अधिकारियों की ओर से उन्हें धमकाया जा रहा है।
रोहित पवार ने मांग की कि पूरे मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए, डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच कराई जाए तथा सीबीआई से स्वतंत्र जांच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 10 दिनों के भीतर MPSC ने इस मामले पर स्पष्टीकरण नहीं दिया, जांच किए बिना अंतिम परिणाम फाइनल करने की कोशिश की, तो यह सरकार के लिए भारी पड़ेगा।
शरद पवार के पोते रोहित पवार ने कहा कि यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आने वाले दिनों में मुंबई या पुणे में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल यह मामला आरोपों के स्तर पर है। एमपीएससी या राज्य सरकार की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है।