22 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

महाराष्ट्र में सूखे पर गरमाई राजनीति, PM मोदी से मिलेंगे MVA सांसद, कांग्रेस बोली- पूरा ध्यान सिर्फ गुजरात पर है

Maharashtra Drought: महाराष्ट्र में सूखे की घोषणा को लेकर अब विपक्ष और सरकार के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ विपक्षी नेता तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे हैं, वहीं सरकार की ओर से जमीनी स्थिति और नुकसान के आकलन के आधार पर आगे कदम उठाने की बात कही जा रही है।
3 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Sep 22, 2026

Sharad Pawar and Devendra Fadnavis

शरद पवार और देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS)

Maharashtra Deficit Rainfall: महाराष्ट्र में कम बारिश और फसलों पर संकट को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य सरकार से तत्काल सूखा घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक ने सूखा घोषित कर दिया है, फिर महाराष्ट्र सरकार किसका इंतजार कर रही है। वहीं कांग्रेस नेता बलवंत वानखड़े ने कहा कि बारिश की कमी से खेतों में खड़ी फसलें सूख रही हैं और किसानों की स्थिति गंभीर होती जा रही है।

इस बीच, महाविकास आघाड़ी (MVA) के सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर महाराष्ट्र में सूखा घोषित करने की मांग रखने की तैयारी में है। राज्य के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने भी कहा कि प्रधानमंत्री के सामने जमीनी स्थिति रखना गलत नहीं है और उन्हें उम्मीद है कि केंद्र इस मुद्दे पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देगा।

‘सरकार महाराष्ट्र में तुरंत सूखा घोषित करे’

महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने महाराष्ट्र में सूखे की घोषणा की मांग करते हुए कहा कि कर्नाटक ने सूखा घोषित कर दिया है। उन्होंने कहा, महाराष्ट्र सरकार अब किसका इंतजार कर रही है और क्या वह दिल्ली से निर्देश मिलने की प्रतीक्षा कर रही है। सूखे और ओलावृष्टि के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। पिछले साल केंद्र सरकार से महाराष्ट्र को पर्याप्त मदद नहीं मिली।

'गुजरात को मदद, पर महाराष्ट्र की अनदेखी'

वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ गुजरात पर रहता है और वह महाराष्ट्र की अनदेखी करते हैं। केंद्र से गुजरात को सब कुछ मिलता है। उन्होंने सरकार से तत्काल सूखा घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गणेश विसर्जन के बाद कांग्रेस नेता राज्य के हर जिले का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे। जरूरत पड़ने पर महाराष्ट्र में किसानों के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी उन्होंने दी।

‘45 दिन से बारिश नहीं, फसलें सूख रही हैं’

कांग्रेस नेता बलवंत वानखड़े ने भी महाराष्ट्र में सूखा घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में 45 दिनों से बारिश नहीं हुई है और खेतों में खड़ी फसलें सूख रही हैं। जिस वजह से किसान जान तक दे रहे हैं।

वानखड़े ने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से सरकार को स्थिति की जानकारी दी जा रही है, लेकिन अभी तक सूखा घोषित नहीं किया गया है। उन्होंने किसानों की स्थिति को देखते हुए तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की मांग की।

MVA सांसद PM मोदी से करेंगे मुलाकात

महाराष्ट्र में सूखा घोषित करने की मांग को लेकर विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (MVA) के सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल्द ही मुलाकात कर सकते हैं। इस दौरान राज्य के सूखे जैसे हालात और किसानों को होने वाले नुकसान की जानकारी प्रधानमंत्री को दी जाएगी।

राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस पर कहा कि प्रधानमंत्री से मुलाकात कर जमीनी स्थिति बताने में कोई नुकसान नहीं है। नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री के सामने तथ्य और जमीनी स्थिति रखने में कोई हर्ज नहीं है। केंद्र सरकार ने अतीत में भी सूखे के दौरान महाराष्ट्र को कई मौकों पर सहायता प्रदान की है। हमें पूरा भरोसा है कि जब एमवीए सांसद पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे, तो वे इस मामले पर बेहद सकारात्मक रुख अपनाएंगे।"

शरद पवार भी CM फडणवीस से कर चुके हैं सूखा घोषित करने की मांग

इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर कम बारिश से प्रभावित तालुकाओं में सूखा घोषित करने की मांग की थी। पवार ने कहा था कि सरकार को औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किए बिना प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचानी चाहिए।

पवार के मुताबिक, राज्य के 36 में से 31 जिलों में औसत से कम बारिश हुई है। उन्होंने 1 जून से 15 सितंबर के बीच महाराष्ट्र में 648 मिमी बारिश होने का दावा किया, जो औसत से 19 प्रतिशत कम है। उन्होंने कहा कि कम बारिश के कारण सोयाबीन, कपास और दलहन जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा है तथा कई इलाकों में पानी और चारे की समस्या भी बढ़ सकती है।

किसानों के लिए 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर सहायता की मांग

शरद पवार ने प्रभावित किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। इसके अलावा खेतिहर मजदूर परिवारों को 25 हजार रुपये प्रति परिवार की विशेष सहायता देने की मांग भी की गई है।

पवार ने तत्काल कृषि कर्ज माफी लागू करने और किसानों को अगली फसल के लिए नया कर्ज उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये करने की मांग भी रखी है।

उन्होंने उन किसानों को भी प्रस्तावित कर्जमाफी में शामिल करने की मांग की है, जिन्होंने 2025-26 में फसल ऋण लिया था लेकिन इस साल भुगतान नहीं कर सके।

फसल बीमा और पानी के टैंकर की भी मांग

पवार ने एक रुपये वाली फसल बीमा योजना को पिछली तारीख से लागू करने और पिछले साल बेमौसम बारिश से फसल नुकसान के लिए घोषित 17 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता राशि तत्काल जारी करने की मांग की है।

सूखे जैसे हालात वाले क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना के तहत खेती और जल संरक्षण से जुड़े विशेष काम शुरू करने तथा बागों को बचाने के लिए जरूरत वाले इलाकों में पानी के टैंकर उपलब्ध कराने की मांग भी पूर्व केंद्रीय मंत्री ने की है।

बड़ी खबरें

View All

मुंबई

महाराष्ट्र न्यूज़

ट्रेंडिंग