
राहुल गांधी के एक फोन से बदला सियासी गणित, पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे ने टाला बीजेपी में जाने का फैसला (Photo: IANS/File)
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले की चिखली विधानसभा सीट की राजनीति में सोमवार शाम बड़ा मोड़ आ गया। कांग्रेस के पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे ने भाजपा (BJP) में शामिल होने का अपना फैसला बदल दिया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के समझाने के बाद उन्होंने कांग्रेस में ही बने रहने का ऐलान किया है। इससे भाजपा को चिखली में बड़ा झटका लगा है।
राहुल बोंद्रे के कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया पर बातचीत का वीडियो भी साझा किया गया है। फोन पर बातचीत के दौरान राहुल बोंद्रे बेहद भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने राहुल गांधी से कहा, "आपका फोन आ गया, इसलिए मैं अपना फैसला बदल रहा हूं। अगर मैं सब कुछ गंवा भी दूंगा, तो भी आपके साथ खड़ा रहूंगा और लड़ाई लड़ता रहूंगा।"
राहुल बोंद्रे ने रविवार को फेसबुक लाइव के जरिए बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और पार्टी के अन्य सहयोगियों का अब तक मिले सहयोग के लिए आभार भी जताया था। इसके बाद चिखली की बीजेपी विधायक श्वेता महाले ने भी आज (22 सितंबर) मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में उनके बीजेपी में शामिल होने की बात कही थी।
हालांकि, सोमवार शाम होते-होते घटनाक्रम अचानक बदल गया। राहुल गांधी ने खुद राहुल बोंद्रे को व्हाट्सएप कॉल किया और उन्हें कांग्रेस में बने रहने के लिए कहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने उन्हें ‘हार के बाद ही जीत है’ का संदेश भी दिया। इस पूरे मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की मध्यस्थता की भी जानकारी सामने आई है।
राहुल गांधी से बातचीत के दौरान राहुल बोंद्रे ने कहा कि वह सब कुछ न्योछावर करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनके साथ लड़ाई लड़ते रहेंगे। बोंद्रे ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें फोन किया और उनकी बात सुनी, इसलिए उन्होंने अपना फैसला बदलने का निर्णय लिया। इसके बाद चिखली स्थित बोंद्रे के आवास के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई।
राहुल बोंद्रे के बीजेपी में जाने की अटकले पिछले करीब दो महीने से थी। इससे पहले भी उन्होंने फेसबुक लाइव के जरिए सत्तारूढ़ दल में जाने की बात कही थी। रविवार को उन्होंने एक बार फिर इस फैसले की सार्वजनिक घोषणा कर दी थी और 22 सितंबर को संभावित बीजेपी प्रवेश की चर्चा तेज हो गई थी।
अब राहुल गांधी से बातचीत के बाद बोंद्रे ने कांग्रेस में बने रहने का फैसला किया है। क्षेत्र में उनका मजबूत जनाधार माना जाता है, यही वजह है कि कांग्रेस के लिए उनका पार्टी में बने रहना एक बड़ी राहत साबित हुआ है।
राहुल बोंद्रे ने 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में चिखली सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। उनका मुकाबला बीजेपी की श्वेता महाले से हुआ था। चुनाव बेहद कड़ा था, जिसमें श्वेता महाले को 1,09,212 वोट मिले, जबकि राहुल बोंद्रे को 1,06,011 वोट प्राप्त हुए थे। बोंद्रे को केवल 3,702 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।
Updated on:
22 Sept 2026 09:06 am
Published on:
22 Sept 2026 08:39 am
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