Mumbai Navi Mumbai Metro Line 8: मुंबई मेट्रो-8 लाइन मुंबई-ठाणे के दोनों प्रमुख एयरपोर्ट्स के बीच तेज, सुविधाजनक और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इस परियोजना की लागत 22,000 करोड़ रुपये से अधिक होगी। इसमें 20 स्टेशन होंगे, जिनमें छह भूमिगत होंगे।
Mumbai Navi Mumbai Airport Metro Line 8: मुंबई और नवी मुंबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन-8 परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। यह परियोजना शहर के परिवहन नेटवर्क को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। जनवरी महीने में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाली महाराष्ट्र मंत्रिमंडल अवसंरचना समिति ने 35 किलोमीटर लंबी मुंबई मेट्रो-8 परियोजना को हरी झंडी दी।
अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कुल 35 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। इसमें 20 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 6 भूमिगत और 14 एलिवेटेड स्टेशन शामिल होंगे।
यह मेट्रो लाइन-8 सीधे छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) से जोड़ेगी।
इस मेट्रो लाइन-8 परियोजना की अनुमानित लागत 22,862 करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं, इसके लिए करीब 30.7 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिस पर लगभग 388 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।
इस परियोजना के तहत 9.25 किलोमीटर हिस्सा मुंबई एयरपोर्ट टर्मिनल-2 से घाटकोपर (पूर्व) तक भूमिगत होगा, जबकि 24.63 किलोमीटर हिस्सा घाटकोपर (पश्चिम) से नवी मुंबई एयरपोर्ट टर्मिनल-2 तक एलिवेटेड बनाया जाएगा।
मुंबई मेट्रो-8 घनी आबादी वाले इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी और ट्रैफिक कम करने में मदद करेगी। यह यात्रियों के लिए यात्रा को बेहद सुगम और समय बचाने वाला बना देगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने निर्देश दिया है कि इस परियोजना के लिए आवश्यक सभी स्वीकृतियां और भूमि अधिग्रहण 6 महीने के भीतर पूरे किए जाएं। साथ ही, मंजूरी मिलने के बाद अगले 3 वर्षों में इस मेट्रो लाइन का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मेट्रो लाइन-8 को मुंबई मेट्रो नेटवर्क का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। 35 किमी लंबी यह मेट्रो परियोजना न केवल एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, बल्कि मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे न केवल सड़क मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और प्रदूषण में भी गिरावट आने की उम्मीद है।