Mumbai Train Fire: मुंबई में मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया, जब सेंट्रल रेलवे के माटुंगा वर्कशॉप में एक ट्रेन के एलएचबी स्लीपर कोच में आग लग गई।
मुंबई के माटुंगा स्थित मध्य रेलवे के वर्कशॉप में मंगलवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मरम्मत के लिए आए एक एलएचबी (LHB) स्लीपर कोच में अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि यह घटना वर्कशॉप के भीतर हुई और उस समय कोच में कोई यात्री सवार नहीं था। रेलवे अधिकारियों और फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना मंगलवार दोपहर करीब 3 बजकर 10 मिनट पर हुई। आग लगते ही तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई और करीब 4 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कोच के टॉयलेट एरिया के पास वेल्डिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान निकली चिंगारी से आग फैलने की संभावना जताई जा रही है।
रेलवे के मुताबिक, जब आग लगी तो हवा तेज थी, जिससे आग तेजी से फैली। देखते ही देखते आग ने कोच के ऊपरी हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।
अधिकारियों के अनुसार, आग से कोच के ऊपरी हिस्से का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, कोच के निचले हिस्से में लगे महत्वपूर्ण उपकरण सुरक्षित है।
घटना के तुरंत बाद कोच को वर्कशॉप के खुले स्थान पर ले जाया गया, ताकि आग वर्कशॉप और अन्य कोचों तक न फैले।
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है। मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए है। रेलवे प्रवक्ता ने बताया कि जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सुरक्षा मानकों में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
माटुंगा वर्कशॉप मुंबई का एक महत्वपूर्ण मरम्मत केंद्र है, जहां रोजाना कई ट्रेनों के कोचों का रखरखाव किया जाता है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और वर्कशॉप में कामकाज सुचारू रूप से जारी है।
हाल ही में महाराष्ट्र के अहिल्यानगर के सुपा एमआईडीसी में एक प्लास्टिक फैक्ट्री में भयानक आग लग गई। आग वेंकटेश पॉली नामक कंपनी में लगी और कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। आग पूरी यूनिट में फैल गईं। बताया जा रहा है कि परिसर में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक उत्पाद और कच्चा माल रखा हुआ था, जिससे आग तेजी से फैली। आग की ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। बाद में फायर बिग्रेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।