Mumbai Tinder Scam: पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और दिल्ली से मुंबई तक फैले इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में ऑनलाइन डेटिंग ऐप 'टिंडर' (Tinder) के जरिए चल रहे एक हाई-प्रोफाइल हनीट्रैप और उगाही रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। मुंबई पुलिस ने साकीनाका इलाके के एक कैफे में छापेमारी कर इस गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दिल्ली से विशेष रूप से बुलाई गई तीन युवतियां भी शामिल हैं। यह गिरोह बड़े घर के युवाओं को प्यार के जाल में फंसाकर उनसे लाखों रुपये वसूल रहा था। पवई और साकीनाका पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई ने डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड घाटकोपर स्थित 'कैफे क्लब' का मालिक ही था। गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी, आरोपी युवतियां टिंडर पर अमीर युवकों की प्रोफाइल लाइक कर उनसे दोस्ती करती थीं। इसके बाद उन्हें मिलने के बहाने घाटकोपर-साकीनाका लिंक रोड स्थित इसी कैफे में बुलाया जाता था।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस काम के लिए दिल्ली से लड़कियों को लाया गया था। जांच में पता चला है कि इस नेटवर्क से करीब 25 से 30 अन्य लड़कियां भी जुड़ी हुई हैं, जो अलग-अलग ऐप्स के जरिए शिकार तलाशती थीं।
जैसे ही कोई युवक कैफे पहुंचता, गिरोह का असली खेल शुरू होता था। वहां मौजूद युवतियां महंगे खाने-पीने का ऑर्डर देती थीं, उसका बिल 25 हजार से 50 हजार रुपये बताकर युवकों से जबरन वसूला जाता था। यदि युवक बिल चुकाने से मना करता या विरोध करता, तो वहां तैनात बाउंसर उसे डराते-धमकाते थे।
इसके अलावा आरोपी युवतियां युवकों को झूठे यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) के केस में फंसाने और पुलिस बुलाने की धमकी देकर मोटी रकम भी वसूलती थीं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक युवक को जमीन पर बैठाकर डराते हुए रंगे हाथ पकड़ा।
पवई पुलिस को इस रैकेट की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद एक डमी कस्टमर और जाल बिछाकर छापेमारी की गई। पुलिस ने कैफे मालिक, बाउंसर और दिल्ली की तीन युवतियों सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।