Mumbai Hoarding Collapse : मुंबई के घाटकोपर इलाके में पिछले हफ्ते आंधी और बेमौसम बारिश के कारण एक पेट्रोल पंप पर लगा 120 फीट लंबा होर्डिंग गिर गया था। जिसके नीचे दबने से 17 लोगों की मौत हो गई और 70 से अधिक लोग घायल हुए।
Ghatkopar Hoarding Collapse : मुंबई में पिछले हफ्ते (13 मई) आंधी-बारिश से घाटकोपर इलाके में लगा एक विशाल होर्डिंग जमींदोज हो गया। हालांकि गर्मी से कुछ राहत तो मिली, लेकिन इस घटना में जान-माल का भी बड़ा नुकसान हुआ। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने बताया कि घाटकोपर होर्डिंग गिरने की घटना में मृतकों का आंकड़ा बढ़ गया है। इस मामले के मुख्य आरोपी भावेश भिंडे को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में इलाज के दौरान एक और व्यक्ति ने दम तोड़ा दिया है। इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या 17 हो गयी है। इस बीच मुंबई क्राइम ब्रांच ने घाटकोपर होर्डिंग ढहने की घटना की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
अधिकारियों ने बताया कि घाटकोपर होर्डिंग मामले की जांच के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच ने एसआईटी बनाई है। इसमें 6 अधिकारी शामिल हैं। डीसीपी डिटेक्शन क्राइम ब्रांच विशाल ठाकुर की देखरेख में यूनिट-7 के प्रभारी इंस्पेक्टर महेश तावड़े इस टीम का नेतृत्व करेंगे।
एसआईटी ने भावेश भिंडे के आवास की जांच की है और वहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। एसआईटी को जांच के दौरान पता चला कि भिंडे के अलग-अलग बैंकों में कुल 7 बैंक खाते हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि भिंडे को होर्डिंग लगाने का ठेका कैसे मिला और उसने कितनी कमाई की। एसआईटी ने भावेश भिंडे की कंपनी के कुछ अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए हैं। भावेश घाटकोपर में दुर्घटनाग्रस्त हुए होर्डिंग लगाने वाली कंपनी का मालिक है। हादसे के बाद वह फरार हो गया था। हाल ही में उसे पुलिस टीम ने राजस्थान के उदयपुर से गिरफ्तार किया।
मुंबई पुलिस ने घाटकोपर के पंतनगर थाने में भावेश भिंडे और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 304, 338, 337 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है।