BMC Election 2026: 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी चुनावों में भाजपा 137 सीटों पर और शिवसेना 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी) 163 सीटों पर, मनसे 53 सीटों पर और एनसीपी (शरद पवार गुट) 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार रही है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 के लिए बिसात बिछ चुकी है। इस बार का चुनाव बेहद खास होने वाला है, क्योंकि मुंबई की कुल 227 सीटों में से 32 सीटों पर भाजपा-शिवसेना गठबंधन और शिवसेना (उद्धव गुट)-मनसे गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा। इन सीटों पर किसी मजबूत 'तीसरे मोर्चे' के न होने से वोट बंटने की संभावना नहीं है, जिससे चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
इन 32 सीटों पर मुख्य मुकाबला भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) गठबंधन और शिवसेना (UBT)-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) गठबंधन के बीच होगा। इसका सबसे बड़ा कारण कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाडी (VBA) गठबंधन द्वारा इन सीटों पर उम्मीदवार न उतारना है। जानकारों का मानना है कि 'तीसरे मोर्चे' की अनुपस्थिति से वोटों का ध्रुवीकरण होगा, जिसका सीधा असर जीत-हार के अंतर पर पड़ेगा।
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की मनसे ने मराठी अस्मिता और मुंबई के लिए एक होने का दावा किया है। शिवसेना (UBT) के नेताओं का मानना है कि इन 32 सीटों पर भाजपा विरोधी वोटों का विभाजन नहीं होगा, जिसका सीधा लाभ ठाकरे खेमे को मिल सकता है।
गौरतलब हो कि कांग्रेस-वीबीए ने मुंबई के बीएमसी चुनाव के लिए हाथ मिलाया है। सीट बंटवारे के तहत प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व वाली वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) को 62 सीटें मिली थीं, लेकिन 21 सीटों पर वीबीए को योग्य उम्मीदवार नहीं मिला। हालांकि बाद में पांच और सीटों पर पार्टी ने अपने प्रत्याशी उतारे।
वीबीए ने कहा कि वह केवल संख्या बढ़ाने के लिए कमजोर प्रत्याशी नहीं उतारना चाहती थी। जबकि कुछ सीटों पर उम्मीदवारों के कागजात अधूरे होने के कारण नामांकन नहीं हो सका। स्थिति को देखते हुए वीबीए ने कांग्रेस से अनुरोध किया कि वह उसके कोटे की 16 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे। वीबीए अब केवल 46 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
मुंबई की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी, इसका फैसला 15 जनवरी को होने वाले मतदान से होगा। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कुल 195 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। अब देखना यह है कि जिन 32 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला नहीं है, वहां मुंबई की जनता किसे चुनती है।
15 जनवरी को होने वाले बीएमसी चुनावों में भाजपा 137 सीटों पर और शिवसेना 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी) 163 सीटों पर, मनसे 53 सीटों पर और एनसीपी (शरद पवार गुट) 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार रही है।
कांग्रेस ने मुंबई में अब तक 143 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। वंचित बहुजन आघाडी 46 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि वाम दलों और राष्ट्रीय समाज पार्टी सहित अन्य सहयोगियों को छह सीटें दी गई हैं। इस तरह कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कुल 195 सीटों पर उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। हालांकि, नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद ही बीएमसी चुनाव की अंतिम तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।
भाजपा जहां मुंबई से ठाकरे परिवार का दबदबा पूरी तरह खत्म करना चाहती है। खासकर उद्धव ठाकरे के लिए बीएमसी चुनाव साख बचाने की लड़ाई है। जबकि एकनाथ शिंदे के लिए यह साबित करने का एक और मौका है कि असली शिवसेना उन्हीं का खेमा है।