
Mira Bhayandar to Vasai-Virar Metro-13 Approval: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक और बड़ी मेट्रो परियोजना को मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल बुनियादी ढांचा समिति की बैठक में मेट्रो-13 परियोजना को मंजूरी दी गई। यह मेट्रो कॉरिडोर मीरा-भायंदर से वसई-विरार को जोड़ेगा और ठाणे तथा पालघर जिलों के लाखों यात्रियों के लिए आवागमन आसान बनाएगा।
करीब 17,724.99 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की कुल लंबाई 25.03 किलोमीटर होगी। इसमें 21.78 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड और 3.25 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत होगा। परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद इसे 5 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मेट्रो-13 का निर्माण मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) की ओर से किया जाएगा। इस पूरे कॉरिडोर पर कुल 16 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें 13 स्टेशन एलिवेटेड और 3 स्टेशन भूमिगत होंगे।
यह मेट्रो लाइन मीरा रोड, वसई, नालासोपारा, नायगांव और विरार जैसे महत्वपूर्ण इलाकों को आपस में जोड़ेगी। इससे इन क्षेत्रों के बीच रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को सड़क परिवहन के साथ-साथ उपनगरीय रेलवे का एक बेहतर विकल्प मिलेगा।
मेट्रो-13 परियोजना की सबसे खास विशेषताओं में से एक वसई खाड़ी पर प्रस्तावित संयुक्त पुल है। परियोजना के तहत पांजू द्वीप को जोड़ने के लिए करीब 4.92 किलोमीटर लंबा छह लेन सड़क और मेट्रो का संयुक्त पुल बनाया जाएगा।
इससे मेट्रो कनेक्टिविटी के साथ-साथ सड़क संपर्क भी बेहतर होगा। परियोजना के तहत चिखल डोंगरी में मेट्रो डिपो बनाने का भी प्रस्ताव है।
मेट्रो-13 को क्षेत्र के प्रमुख उपनगरीय रेलवे स्टेशनों से भी जोड़ा जाएगा। नायगांव, नालासोपारा और विरार रेलवे स्टेशनों के साथ मेट्रो की कनेक्टिविटी प्रस्तावित है।
इसके अलावा नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्टेडियम के पास इस कॉरिडोर को मेट्रो लाइन-9 से जोड़ने की भी योजना है। यात्रियों की सुविधा के लिए सभी मेट्रो स्टेशनों तक बस सेवा उपलब्ध कराने की भी योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, 2031 तक मेट्रो-13 से रोजाना करीब 4.49 लाख यात्रियों के सफर करने का अनुमान है। इस परियोजना से सड़क मार्ग की तुलना में यात्रा का समय करीब 50 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है। मेट्रो-13 के शुरू होने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने के साथ प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
मीरा-भायंदर, वसई-विरार और मुंबई के उपनगरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। मेट्रो-13 इन क्षेत्रों को आपस में जोड़ने के साथ रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों के लिए आवागमन को आसान बनाएगी।
मुंबई महानगर क्षेत्र में लगातार बढ़ती आबादी और ट्रैफिक को देखते हुए मीरा-भायंदर से वसई-विरार के बीच यह मेट्रो कॉरिडोर भविष्य में लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन विकल्प बनेगा। परियोजना के लिए करीब 24.84 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की जरूरत होगी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगले 6 महीनों में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की जाए। सरकार ने परियोजना को मंजूरी के बाद 5 वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है।