Mumbai to Vijaydurg M2M Ferry details: मुंबई-विजयदुर्ग रो-रो फेरी सेवा शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है।
मुंबई से विजयदुर्ग के लिए बहुप्रतीक्षित रो-रो फेरी सेवा आज (1 मार्च) से शुरू हो गई है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने मुंबई के भाऊचा धक्का से एम2एम फेरी सेवा को हरी झंडी दिखाकर इसका उद्घाटन किया। यह देश की सबसे तेज बोट सेवा है, जो मुंबई से विजयदुर्ग तक की यात्रा 6 से 7 घंटे में पूरी कर लेगी।
मत्स्य पालन एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने कहा कि मुंबई से कोंकण बोट से सफर वाली यह परियोजना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसकी नींव उस समय रखी गई थी जब मुख्यमंत्री के पास 2014 से 2019 के बीच बंदरगाह विभाग की जिम्मेदारी थी। इसका पहला रूट मुंबई से विजयदुर्ग है।
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जानकारी के मुताबिक, मार्च महीने में इस मार्ग पर कुल 16 फेरे निर्धारित किए गए हैं। मुंबई से विजयदुर्ग के लिए 4, 7, 11, 14, 18, 21 और 25 मार्च को बोट सेवा संचालित होगी। वहीं विजयदुर्ग से मुंबई के लिए 5, 8, 12, 15, 19, 22 और 26 मार्च को बोट सेवा उपलब्ध रहेगी।
किराए की बात करें तो इकोनॉमी श्रेणी के लिए 2,500 रुपये, प्रीमियम इकोनॉमी के लिए 4,000 रुपये निर्धारित किए गए हैं। दोपहिया वाहन ले जाने के लिए 1000 रुपये, साइकिल के लिए 600 रुपये और चारपहिया वाहन के लिए 6,000 रुपये किराया तय किया गया है।
बता दें कि मुंबई से अलीबाग के बीच रो-रो सेवा पहले से चल रही है। अब इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए जल परिवहन को विजयदुर्ग तक विस्तारित किया गया है। आने वाले समय में इस सेवा को रत्नागिरी, रायगढ़ और अन्य राज्यों तक जलमार्ग के जरिए जोड़ने की तैयारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस कदम से तटीय पर्यटन को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
रो-रो फेरी सेवा एक आधुनिक जल परिवहन प्रणाली है, जो यात्रियों को अपने वाहनों (कार, बाइक, बस, ट्रक) के साथ सीधे जलमार्ग के जरिए जहाज पर सवार होने और उतरने की सुविधा देती है। इसमें विशेष रैंप लगे होते हैं, जिससे वाहन आसानी से अंदर आ-जा सकते हैं।