
Nagpur Airport Upgrade: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (नागपुर) को आधुनिक बनाने के लिए जीएमआर एयरपोर्ट्स ने बहु-चरणीय विस्तार योजना का ऐलान किया है। दरअसल, पहले चरण में करीब 300 करोड़ रुपए का निवेश कर एयरपोर्ट का आधुनिकीकरण किया जाएगा। यह घोषणा एयरपोर्ट के निजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने और 25 जून को महाराष्ट्र एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MIL) द्वारा करीब 1,000 हेक्टेयर जमीन जीएमआर नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को सौंपे जाने के बाद की गई है।
जीएमआर एयरपोर्ट्स अगले 12 से 18 महीनों में मौजूदा टर्मिनल का नवीनीकरण करेगा। इसके तहत नए चेक-इन काउंटर, सेल्फ चेक-इन कियोस्क, सुरक्षा जांच व्यवस्था का विस्तार, आधुनिक वॉशरूम, विशेष लाउंज, अधिक बस बोर्डिंग गेट और यात्रियों के लिए बेहतर प्रवेश एवं निकास सुविधाएं विकसित की जाएंगी। एयरपोर्ट के एयरसाइड और लैंडसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर को भी अपग्रेड किया जाएगा।
बता दें कि योजना के दूसरे चरण में, जो अगले 3 से 4 वर्षों में पूरा होगा, चार मिलियन (40 लाख) वार्षिक यात्री क्षमता वाला नया इंटीग्रेटेड टर्मिनल बनाया जाएगा। इसके अलावा नए एयरक्राफ्ट पार्किंग स्टैंड, 20 हजार मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता वाला कार्गो टर्मिनल, इन-फ्लाइट किचन, फ्यूल फार्म, ग्राउंड हैंडलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, विस्तारित पार्किंग और कमर्शियल डेवलपमेंट भी किया जाएगा। वहीं, तीसरे चरण (5 से 8 वर्ष) में दूसरी रनवे, नया एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, बिजली और पानी की नई सुविधाएं सहित भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा।
जीएमआर ( GAMR ) का लक्ष्य अगले 30 वर्षों में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की वार्षिक यात्री क्षमता को मौजूदा 30 लाख (3 मिलियन) से बढ़ाकर 3 करोड़ (30 मिलियन) तक पहुंचाना है। उपलब्ध जमीन के आधार पर इसे आगे बढ़ाकर 5 करोड़ यानी की 50 मिलियन यात्रियों तक ले जाने की भी योजना है। इसके साथ ही नागपुर को कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां सालाना 1.5 लाख मीट्रिक टन माल ढुलाई की क्षमता होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 100 हेक्टेयर क्षेत्र में एयरोसिटी विकसित कर व्यावसायिक गतिविधियों और गैर-विमानन कारोबार को भी बढ़ावा दिया जाएगा।