
शिवसेना नगरसेवक रमेश म्हात्रे गिरफ्तार (Photo: X/IANS)
KDMC Shiv Sena corporator Ramesh Mhatre: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली स्थित केडीएमसी (KDMC) के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से कथित मारपीट के मामले में शिवसेना (शिंदे गुट) के नगरसेवक रमेश म्हात्रे को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के बाद डॉक्टरों में भारी नाराजगी है। इस बीच, एक पीड़ित महिला डॉक्टर के परिवार ने बताया कि घटना के बाद से वह गहरे सदमे में हैं और फिलहाल सार्वजनिक तौर पर बात करने की स्थिति में नहीं हैं। इस बीच, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने भी म्हात्रे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पार्टी इस घटना का समर्थन नहीं करती है। इस मामले में म्हात्रे सहित छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पीड़ित डॉक्टर सृष्टि बाविस्कर की मां संगीता ने कहा कि उनकी बेटी इस घटना से मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है। उन्होंने कहा, "वह अभी भी सदमे में है और इस बारे में बात करने की स्थिति में नहीं है। हम उसकी ओर से न्याय की मांग कर रहे हैं।" परिवार के अनुसार, घटना के बाद से डॉक्टर बेहद डरी हुई हैं और फिलहाल घर पर आराम कर रही हैं।
डॉ. सृष्टि के पिता डॉ. महेंद्र बाविस्कर ने बताया कि उनकी बेटी और अन्य डॉक्टर ड्यूटी पर थे। उन्होंने एक गर्भवती महिला को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर किया गया था। आरोप है कि महिला के परिजनों ने स्थानीय नगरसेवक रमेश म्हात्रे को बुला लिया। बिना पूरी जानकारी लिए नगरसेवक और उनके समर्थकों ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट की तथा उन्हें धमकाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और उसे डराने-धमकाने की कोशिश की गई।
संगीता बाविस्कर ने आरोप लगाया कि मारपीट के बाद भी आरोपियों ने डॉक्टरों को निशाना बनाने के लिए महिला समर्थकों को लाने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
परिवार का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के कारण शिवसेना नगरसेवक के खिलाफ कार्रवाई में देरी हुई। उनका कहना है कि अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना रिकॉर्ड है, जो जांच में अहम सबूत साबित हो सकता है।
परिवार ने यह भी नाराजगी जताई कि घटना के बाद राज्य सरकार या सत्तारूढ़ दल के किसी वरिष्ठ नेता ने उनसे संपर्क नहीं किया और न ही उन्हें सुरक्षा या न्याय का भरोसा दिलाया। डॉ. महेंद्र बाविस्कर ने कहा कि इस घटना ने उनकी बेटी का आत्मविश्वास तोड़ दिया है और वह दोबारा ड्यूटी पर लौटने से डर रही हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि अस्पतालों में डॉक्टरों, विशेषकर महिला डॉक्टरों, की सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। परिवार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
Updated on:
08 Jul 2026 06:27 pm
Published on:
08 Jul 2026 05:50 pm
