
गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की फाइल फोटो, सोर्स- IANS
Maharashtra Weather News: महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात कर राज्य के हालात की जानकारी ली। गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार महाराष्ट्र को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए मुंबई और आसपास के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश तथा तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
आईएमडी के अनुसार, मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ में बुधवार को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पालघर के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जबकि कोंकण क्षेत्र में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, अचानक बाढ़, सड़क, रेल, हवाई और फेरी सेवाओं में बाधा, समुद्र में ऊंची लहरें, भूस्खलन और फसलों व कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, 9 जुलाई से बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने की संभावना जताई गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने किसानों से मौसम को देखते हुए खेती-किसानी की योजना बनाने की अपील की है। कृषि विभाग ने कहा कि जिन इलाकों में अभी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां किसान मिट्टी में पर्याप्त नमी बनने तक बुवाई करने में जल्दबाजी न करें। सीएमओ के मुताबिक, जुलाई की शुरुआत में मुंबई और पश्चिमी महाराष्ट्र में अच्छी बारिश हुई, लेकिन अब तक राज्य के कई हिस्सों में औसत से कम वर्षा दर्ज की गई है। खासकर धुले, नंदुरबार, अहिल्यानगर, सोलापुर, पश्चिमी विदर्भ और मराठवाड़ा के कुछ इलाकों में बारिश सामान्य से कम रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र में जुलाई 2026 की शुरुआत में हुई रिकॉर्ड-तोड़ मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिसके कारण राज्य में 13 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मुंबई, पुणे, पालघर, ठाणे और सतारा सहित कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की गंभीर घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नवनिर्मित 'मिसिंग लिंक' सहित कई मुख्य राजमार्गों और रेल पटरियों पर यातायात ठप हो गया है। महाबलेश्वर जैसे पहाड़ी इलाकों में सिर्फ 48 घंटों के भीतर 916 मिमी जैसी ऐतिहासिक बारिश दर्ज की गई, जिससे सड़कें धंस गईं, पेड़ उखड़ गए और कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया। निचले इलाकों में पानी भरने से सैकड़ों घरों को नुकसान पहुंचा है और प्रभावित क्षेत्रों से 1,200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रेस्क्यू किया गया है।
Updated on:
08 Jul 2026 12:36 pm
Published on:
08 Jul 2026 12:36 pm
