मुंबई

नागपुर दंगे के आरोपी फहीम खान की पत्नी लड़ेगी चुनाव, कहा- पॉलिटिकल पावर चाहिए, BJP को लेकर ये कहा

मार्च 2025 के नागपुर दंगों के मुख्य आरोपी फहीम खान की पत्नी अलीशा खान खुद चुनावी रण में हैं। 29 वर्षीय अलीशा को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) ने अपना उम्मीदवार बनाया है।

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Jan 12, 2026
नागपुर दंगा की फाइल फोटो

नागपुर दंगों (Nagpur Riot) के मुख्य आरोपी फहीम खान (Fahim Khan) की पत्नी अलीशा खान (Alisha Khan) भी महाराष्ट्र निकाय चुनाव के सियासी मैदान में उतरी हैं। 29 वर्षीय अलीशा 15 जनवरी को होने वाले नागपुर नगर निगम चुनाव में शहर के वार्ड 3डी (आशी नगर) से चुनाव लड़ रही हैं। अलीशा को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) ने अपना उम्मीदवार बनाया है।

अलीशा खान ने कहा कि नगरसेवक बनने के लिए चुनाव लड़ने का फैसला उन्होंने अपने परिवार के साथ हुई कथित नाइंसाफी के बाद लिया। दंगों के मामले में फहीम खान को चार महीने जेल में रहना पड़ा था और जुलाई 2025 में अदालत से उन्हें सशर्त जमानत मिली थी। अलीशा का कहना है कि इस घटना ने उनकी पूरी जिंदगी ही बदल दी। वह कहती हैं कि उन्होंने कभी भी राजनीतिक में उतरने के बारे में नहीं सोचा था।

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‘अन्याय से लड़ने के लिए राजनीतिक ताकत जरुरी’

अलीशा ने कहा कि उन्होंने बहुत करीब से देखा है कि किस तरह राजनीतिक लड़ाइयों में पूरे परिवार तबाह हो जाते हैं। उन्होंने कहा, आज हमारे साथ हुआ है, कल किसी और के साथ भी हो सकता है। इस दौरान मुझे यह समझ आया कि अगर अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी है, तो राजनीतिक ताकत जरूरी है। बिना राजनीतिक सहारे के बोलने वालों को कुचल दिया जाता है, जैसे मेरे पति के साथ हुआ।

AIMIM की तारीफ की

एआईएमआईएम के टिकट पर चुनाव लड़ने के फैसले पर अलीशा ने साफ कहा कि भाजपा उन्हें कभी उम्मीदवार नहीं बनाती, जबकि कांग्रेस पर उन्होंने मुसलमानों के नाम पर केवल राजनीति करने का आरोप लगाया। अलीशा ने कहा, ओवैसी की पार्टी आम लोगों को आगे आने, खुलकर बोलने और अपनी बात रखने का मौका देती हैं। नागपुर में AIMIM ने इस बार कुल 17 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।

गृहिणी से उम्मीदवार तक का सफर

दसवीं तक पढ़ी अलीशा बताती हैं कि पति के जेल जाने के बाद के चार महीने उनकी जिंदगी के सबसे कठिन लेकिन सीख देने वाले दिन थे। उन्होंने कहा कि इससे पहले वह सिर्फ एक गृहिणी थीं और राजनीति या बाहरी दुनिया की समझ नहीं थी। इन 4 महीनों में बच्चों की जिम्मेदारी, वकीलों से बातचीत और तमाम परेशानियों से जूझते हुए उन्होंने बहुत कुछ सीखा।

अलीशा ने यह भी आरोप लगाया कि दंगों के बाद उनके घर पर अवैध निर्माण हटाने का नोटिस दिया गया और छुट्टी के दिन पूरा मकान तोड़ दिया गया, जबकि नोटिस सिर्फ 90 वर्गफुट के लिए था। उन्होंने कहा कि इन अनुभवों के बाद उन्होंने तय किया कि वह चुनाव लड़ेंगी, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।

फहीम खान का दावा- जनता हमारे साथ

फहीम खान ने पत्नी की उम्मीदवारी का समर्थन करते हुए कहा कि अलीशा भले ही अच्छी वक्ता न हों, लेकिन उन्होंने हालात से बहुत कुछ सीखा है। उनका कहना है कि इलाके में अलीशा को अच्छा समर्थन मिल रहा है और इस वार्ड में न भाजपा और न ही कांग्रेस मजबूत स्थिति में है। उनके मुताबिक, नागपुर के वार्ड 3-डी से ओवैसी की पार्टी के पक्ष में माहौल है।

Updated on:
12 Jan 2026 08:27 pm
Published on:
12 Jan 2026 08:17 pm
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