
Nana Patekar Ajit Pawar Friendship: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर (75) के निधन से महाराष्ट्र समेत पूरे देश में शोक की लहर है। नाना के चाहने वाले, फिल्म जगत से जुड़े लोग और राजनीतिक क्षेत्र के कई नेता उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। नाना पाटेकर सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखने के लिए भी जाने जाते थे।
नाना पाटेकर के देशभर के कई राजनीतिक नेताओं से करीबी संबंध रहे। इनमें महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ भी उनकी गहरी दोस्ती थी। बताया जाता है कि दोनों दिग्गजों के बीच करीब पांच दशक लंबी दोस्ती थी। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने 'एक्स' पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “नाना पाटेकर के दादा (अजित पवार) के साथ बेहद आत्मीय और करीबी संबंध थे। इसलिए उनके निधन से मेरे लिए और हमारे परिवार के लिए भी जो शून्य पैदा हुआ है, वह बेहद दुखद है।”
नाना पाटेकर और अजित पवार दोनों ही अपने बेबाक अंदाज और जमीन से जुड़े व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। लेकिन नियति का खेल देखिए, इन दो गहरे दोस्तों के बीच मौत को लेकर एक ऐसा अजीब संयोग सामने आया है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है।
66 साल के अजित पवार का इसी साल 28 जनवरी को विमान हादसे में निधन हुआ था। उनके निधन से चार दिन पहले उन्होंने बारामती में आयोजित एक कार्यक्रम में जीवन और मृत्यु को लेकर बात की थी। उन्होंने कहा था कि इंसान आज है और कल नहीं भी हो सकता, इसलिए जब तक जीवन है, समाज के लिए काम करना चाहिए।
अजित पवार ने कहा था, "… यह दुनिया हमेशा रहने वाली है। हम और आप आज हैं, कल नहीं होंगे। समय और नियति का बुलावा आने पर हर किसी को जाना ही पड़ता है। लेकिन जब तक हम जीवित हैं, हमें समाज के लिए काम करना चाहिए। राजनीति सब कुछ नहीं है; चुनाव खत्म होते ही राजनीति को भूल जाना चाहिए। हमें ऐसा काम करना चाहिए जिससे हमारे क्षेत्र में समृद्धि व खुशहाली आए।" उनका यह बयान उनके निधन के बाद काफी चर्चा में आया था।
अब नाना पाटेकर का भी निधन से करीब चार दिन पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह भी जीवन की अनिश्चितता और समाज के लिए काम करने की जरूरत पर बात करते नजर आ रहे हैं।
गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान नाना पाटेकर ने दिवंगत रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को याद करते हुए जीवन और मृत्यु पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि पर्रिकर उनसे उम्र में छोटे थे, लेकिन उनके काम और व्यक्तित्व की ऊंचाई इतनी बड़ी थी कि उन्हें सम्मान से सिर उठाकर देखना पड़ता था। उन्होंने कहा था कि वह 75 साल के हो चुके हैं और उनका 76वां साल शुरू होने वाला है।
नाना ने पर्रिकर के काम और समर्पण का उदाहरण देते हुए कहा था, "मनोहर पर्रिकर मेरे प्रिय मित्र थे। वे मुझसे उम्र में छोटे थे, लेकिन उनका कद इतना बड़ा था कि उन्हें सम्मान से सिर उठाकर ही देखा जा सकता है। बीमार होते हुए भी ऑक्सीजन सिलेंडर साथ लेकर काम करने के लिए जुनून की जरूरत होती है। हम सभी को एक न एक दिन जाना ही है। मैं भी आज हूं, कल नहीं रहूंगा। किसी को नहीं पता कि वह समय कब आ जाए। लेकिन उससे पहले जो मुझे समाज के लिए करना है, क्या मैं वह कर पा रहा हूँ?"
नाना पाटेकर ने इसी दौरान लोगों को सामाजिक जिम्मेदारी का एहसास कराने वाली बात भी कही थी। उन्होंने कहा था कि अगर इंसान अपने जीवन को केवल अपने तक सीमित रखता है, तो उसके जीवन का उद्देश्य अधूरा रह जाता है। अगर इंसान सिर्फ अपने बारे में सोचे, तो ऐसा जीना भी क्या जीना हैं।
नाना पाटेकर और अजित पवार की दोस्ती महाराष्ट्र के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में अक्सर चर्चा का विषय रही। दोनों अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े होने के बावजूद एक-दूसरे के प्रति सम्मान और आत्मीयता रखते थे।
नाना कई मौकों पर अजित पवार के साथ अपनी दोस्ती का जिक्र कर चुके थे। अजित पवार के निधन के कुछ समय बाद अभिनेता ने कहा था कि अजित दादा उनके छोटे भाई जैसे थे और जब भी वह बारामती जाते थे, वह उनके हर चीज का ध्यान रखते थे। पवार के एक शोक सभा में तो नाना पाटेकर बेहद भावुक हो गए थे और बिना कुछ बोले वहां से चले गए थे। लेकिन महज 8 महीने के अंतराल के बाद दोनों दिग्गजों ने दुनिया को अलविदा कह दिया है।