Nashik MLC Election Result: नासिक विधान परिषद चुनाव में शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार नरेंद्र दराडे की हार के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। दराडे ने महायुति के तीन नेताओं पर 'विश्वासघात' का आरोप लगाया है, जबकि मंत्री उदय सामंत ने कहा है कि हार के कारणों की जांच कर रिपोर्ट एकनाथ शिंदे को सौंपी जाएगी।

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव (MLC Election) में नासिक सीट पर शिवसेना (शिंदे गुट) के आधिकारिक उम्मीदवार नरेंद्र दराडे की हार के बाद महायुति में सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा के बागी उम्मीदवार और निर्दलीय प्रत्याशी गोकुल गीते ने नरेंद्र दराडे को 109 वोटों के अंतर से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। अब इस हार को लेकर महायुति के भीतर ही सवाल उठने लगे हैं। भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और सुनेत्रा पवार नीत एनसीपी महायुति के सहयोगी दल हैं।
हार के बाद नरेंद्र दराडे ने दावा किया कि महायुति के तीन नेताओं ने उनके साथ विश्वासघात किया है। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई। सियासी हलकों में चर्चा है कि दराडे अपनी हार के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री गिरीश महाजन को जिम्मेदार मानते है। हालांकि, शिवसेना नेता और मंत्री उदय सामंत ने अपने उम्मीदवार की हार के कारणों का पता लगाने के लिए गहन समीक्षा करने की बात कही है।
नासिक निर्वाचन क्षेत्र में गोकुल गीते भाजपा के बागी उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे और उन्होंने महायुति के आधिकारिक उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को हराकर सभी को चौंका दिया।
इस सीट पर उस समय विवाद खड़ा हो गया जब भाजपा नेता गोकुल गीते ने दराडे के खिलाफ अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की। उन्होंने आरोप लगाया कि दराडे ने उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद गीते ने अपना चुनाव प्रचार स्थगित कर दिया था, लेकिन नाम वापसी की अंतिम तारीख गुजर जाने के कारण उनका नाम मतपत्र पर बना रहा। भले ही गीते ने अपना व्यक्तिगत प्रचार रोक दिया था, लेकिन उनके समर्थक लगातार उनके पक्ष में प्रचार और जनसंपर्क अभियान चलाते रहे।
नासिक चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता उदय सामंत ने कहा कि पार्टी इस हार के पीछे के कारणों की विस्तृत समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा, "गोकुल गीते नासिक से विजयी हुए हैं और हमारी शिवसेना के उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को हार का सामना करना पड़ा है। यह पराजय किन कारणों से हुई और इसमें कौन-कौन शामिल था, इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर पार्टी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सौंपी जाएगी।"
सामंत ने कहा कि पार्टी के पास जितने वोट आने की उम्मीद थी, उतने वोट नहीं मिले। आखिर वोटों की कमी क्यों हुई, इसका गहन विश्लेषण किया जाएगा।
नासिक विधान परिषद चुनाव के दौरान भाजपा के बागी उम्मीदवार गोकुल गीते को मैदान से हटाने के लिए आखिरी समय तक प्रयास किए गए थे। बताया जा रहा है कि भाजपा नेता गिरीश महाजन और शिवसेना के उदय सामंत ने व्यक्तिगत रूप से गीते को मनाने की कोशिश की थी।
हालांकि, गीते चुनाव मैदान में बने रहे। दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने सक्रिय प्रचार भी नहीं किया, फिर भी उन्हें जीत हासिल हुई। दराडे की हार को शिंदे गुट के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
हार के बाद उद्धव गुट के नेता नरेंद्र दराडे ने आरोप लगाया कि महायुति के तीन नेताओं की वजह से उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इस बयान ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी।
हालांकि इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उदय सामंत ने कहा, "नरेंद्र दराडे को स्पष्ट करना चाहिए कि वे तीन नेता कौन हैं। गिरीश महाजन, मंत्री दादा भुसे और मैंने खुद उनके लिए पूरी ताकत से काम किया था। अब यह समझना जरूरी है कि हार आखिर किस वजह से हुई।"
भले ही महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में महायुति ने 17 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज की है, लेकिन नासिक का परिणाम गठबंधन के लिए चिंता का विषय बन गया है। भाजपा के बागी उम्मीदवार की जीत और शिवसेना उम्मीदवार की हार ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरणों और अंदरूनी नाराजगी को उजागर किया है।