मुंबई

प्रशांत किशोर की सुनेत्रा पवार से मुलाकात से NCP में मची खलबली, क्या प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे की होगी छुट्टी?

NCP Internal Conflict: प्रशांत किशोर की सुनेत्रा पवार से मुलाकात के बाद एनसीपी में प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे को बदलने की चर्चा तेज है। उधर, तटकरे ने रणनीतिकार की जरूरत पर सवाल उठाए हैं।
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Aug 08, 2026
NCP Sunetra Pawar parth pawar
सुनेत्रा पवार के साथ सांसद बेटे पार्थ पवार (Photo: IANS)

Sunetra Pawar Prashant Kishor Meeting: महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति सरकार में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है? पार्टी नेतृत्व और चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से मुलाकात के बाद महाराष्ट्र एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे को बदलने की अटकलों ने पार्टी के भीतर हलचल बढ़ा दी है। हालांकि, NCP नेता दत्तात्रय भरणे ने तटकरे को हटाने की चर्चा को महज अटकल बताया है। वहीं खुद तटकरे ने पार्टी को चुनावी रणनीतिकार की जरूरत होने पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुनेत्रा पवार से मिले प्रशांत किशोर, बढ़ी सियासी चर्चा

प्रशांत किशोर ने गुरुवार को एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार, उनके बड़े बेटे और राज्यसभा सांसद पार्थ पवार से मुलाकात की। सुनेत्रा पवार के दूसरे बेटे जय भी बैठक में ऑनलाइन जुड़े थे। बैठक के बाद ऐसी खबरें सामने आईं कि किशोर ने पार्टी को महाराष्ट्र में मजबूत करने के लिए संगठन में बदलाव की सलाह दी और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे को बदलने की बात कही। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

एनसीपी नेता और राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि प्रशांत किशोर पार्टी के चुनावी रणनीतिकार हैं, लेकिन उन्होंने तटकरे को हटाने का कोई सुझाव नहीं दिया है। उनके मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष को हटाए जाने की बात फिलहाल सिर्फ अफवाह है।

सुनील तटकरे बोले- प्रशांत किशोर की क्या जरुरत?

विवाद के बीच सुनील तटकरे ने प्रशांत किशोर की नियुक्ति और पार्टी को चुनावी रणनीतिकार की जरूरत पर ही सवाल उठा दिया। तटकरे ने कहा कि वह जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेता हैं और उन्हें चुनावी रणनीतिकार की जरूरत महसूस नहीं होती।

तटकरे ने यह भी सवाल उठाया कि अगर प्रशांत किशोर पहले से ही एक राजनीतिक पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं तो उन्हें किसी दूसरी पार्टी का चुनावी रणनीतिकार कैसे बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी किसी नियुक्ति की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

तटकरे के इस बयान से एनसीपी के भीतर मतभेद की चर्चा और तेज हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में महत्वपूर्ण फैसले सामूहिक नेतृत्व के जरिए लिए जाते हैं और किसी एक व्यक्ति के स्तर पर ऐसे निर्णय नहीं किए जाते। यही शरद पवार के समय से चलता आ रहा है। यही अजित दादा भी करते थे।  

'दो-तीन साल हो गए, अब प्रदेश अध्यक्ष बदलना चाहिए'

इस बीच, एनसीपी नेता रुपाली ठोंबरे ने भी प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सुनील तटकरे को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते हुए करीब दो से तीन साल हो चुके हैं, इसलिए अब संगठन में बदलाव किया जाना चाहिए।

उनके इस बयान को प्रशांत किशोर की सुनेत्रा पवार से मुलाकात के बाद सामने आई अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक सुनील तटकरे को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने का फैसला नहीं लिया गया है।

बता दें कि सुनील तटकरे जून 2023 में एनसीपी के दो धड़ों में बंटने के बाद से अजित पवार गुट के राज्य प्रमुख का पद संभाल रहे हैं। वह अजित पवार के बेहद करीबी माने जाते थे। अभी रायगढ़ से लोकसभा सांसद के तौर पर पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं।

Updated on:
08 Aug 2026 02:57 pm
Published on:
08 Aug 2026 02:52 pm