मुंबई

NEET 2026 री-एग्जाम पर भी विवाद: 522 नंबर का दावा, स्कोरकार्ड में मिले सिर्फ 95; छात्र पहुंचा बॉम्बे हाईकोर्ट

NEET UG 2026 Result Controversy: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG 2026) के परिणाम को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। महाराष्ट्र के बीड जिले के एक छात्र ने नीट परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ में याचिका दायर की गई है।
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Jul 21, 2026
NEET-UG Re-examination
NEET-UG Re-examination। (File Photo: IANS)

NEET UG 2026 Result Controversy: मुंबई। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG 2026) के परिणाम को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। महाराष्ट्र के बीड जिले के एक छात्र ने नीट परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता छात्र सोहम गवते का दावा है कि उसकी ओएमआर आंसर शीट और आधिकारिक आंसर की के हिसाब से उसे 522 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन एनटीए द्वारा जारी स्कोरकार्ड में उसे महज 95 अंक दिए गए हैं।

23 जुलाई को होगी मामले की सुनवाई

छात्र का पक्ष रख रहे वकील महेंद्र गंडले ने बताया कि यह गड़बड़ी 16 जुलाई को एनटीए द्वारा नीट यूजी रिजल्ट घोषित किए जाने के बाद सामने आई। वकील के अनुसार, उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच के बाद छात्र के दावों में सच्चाई पाई गई, जिसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई है। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए 23 जुलाई की तारीख तय की है।

7 ईमेल और लगातार फोन… फिर भी नहीं हुई सुनवाई

वकील गंडले ने बताया कि छात्र रिजल्ट देखकर हैरान रह गया और उसने तुरंत एनटीए से संपर्क किया। छात्र ने स्पष्टीकरण मांगते हुए एजेंसी को सात ईमेल भेजे और कई बार फोन भी किए। एनटीए ने एक ईमेल का जवाब देते हुए कहा था कि इस समस्या का समाधान 16 घंटे के भीतर कर दिया जाएगा, लेकिन इसके बाद न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही कोई जवाब मिला। एजेंसी से कोई मदद न मिलने पर छात्र ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। फिलहाल एनटीए की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है।

छात्रों ने रिजल्ट में कम नंबर देने का लगाया आरोप

उधर, लखनऊ की प्रतिभा त्रिवेदी को प्रोविजनल आंसर की से मिलान के बाद करीब 640 अंक मिलने की उम्मीद थी लेकिन उन्हें केवल 38 अंक ही मिले। उन्होंने कहा कि वे NTA को तीन बार ईमेल कर चुकीं हैं। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। रांची के लक्ष्य सिंह ने दावा किया कि उनके हिसाब से स्कोर 660 था लेकिन आधिकारिक नतीजों में सिर्फ 116 अंक दिखाए गए। इन आरोपों के बीच एनटीए ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर जवाब दिया। एजेंसी ने कहा कि वेरिफिकेशन के लिए छात्रों द्वारा जमा की गई कई ओएमआर शीट में छेड़छाड़ पाई गई है। एनटीए ने छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी कि जांच के लिए केवल असली ओएमआर शीट ही जमा करें।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 16 जुलाई को देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा रीनीट यूजी-2026 का परिणाम घोषित किया था। नीट पेपर लीक के बाद परीक्षा 21 जून को देशभर में दोबारा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में 22.79 लाख विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से लगभग 20 लाख ने परीक्षा दी। इनमें से 11.21 लाख विद्यार्थियों को क्वालीफाई घोषित किया गया। परिणाम जारी होने के बाद कुछ ऐसे छात्र सामने आए हैं, जिन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी ओएमआर शीट और रिजल्ट के नंबर मैच नहीं कर रहे हैं। इसे लेकर एनटीए को लगातार शिकायतें मिल रही हैं।

Updated on:
21 Jul 2026 12:35 pm
Published on:
21 Jul 2026 12:20 pm