
Nepal Floods: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए विरार शहर के पूर्व मेयर और श्री जीवदानी देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रदीप तेंदुलकर नेपाल की विनाशकारी आपदा की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। जिस होटल में वह और उनके साथियों ने रात बिताई थी, वह उनके वहां से निकलने के महज चार-पांच घंटे बाद ही उफनती नदी के तेज बहाव में पूरी तरह बह गई। इस घटना को याद कर वह दहल उठ रहे है।
प्रदीप तेंदुलकर के मुताबिक, उनका समूह जिस होटल में ठहरा था, वह नदी के किनारे स्थित था। समूह होटल से निकलकर इमिग्रेशन कार्यालय पहुंचा था। वहां जरूरी प्रक्रिया पूरी करने और वीजा मिलने के बाद उन्होंने तिब्बत यानी चीन में प्रवेश किया। इसके कुछ ही घंटे बाद नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड ने तबाही मचा दी।
तेंदुलकर ने बताया कि जिस होटल में वे कुछ घंटे पहले ही ठहरे थे, वह पूरी तरह से तबाह हो गया। उन्होंने कहा, "हम चार-पांच घंटे पहले ही वहां से निकल गए थे, इसलिए हमारी जान बच गई।"
हादसे को याद करते हुए तेंदुलकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अपनी जान बचने की खुशी मनाने से ज्यादा उन्हें इस बात का दुख है कि इस प्राकृतिक आपदा में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जान गंवाई।
प्रदीप तेंदुलकर और उनके साथियों ने 22 अगस्त को कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू की थी। फिलहाल उनका यात्रा दल करीब 18,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित डोलमा ला पास (Dolma La Pass) पहुंच चुका है और सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं। उन्होंने पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शन कर लिये है।
तेंदुलकर ने बताया कि उनके समूह की यात्रा फिलहाल सही चल रही है। हालांकि, नेपाल में फ्लैश फ्लड के कारण उनके पीछे आने वाले कई श्रद्धालुओं के लिए हालात मुश्किल हो गए हैं। तेंदुलकर के अनुसार, उनके समूह के नेपाल से निकलकर तिब्बत में प्रवेश करने के बाद हालात तेजी से बिगड़े। उनके पीछे आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कई मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कुछ रास्तों को बंद कर दिया है।
इससे कैलाश मानसरोवर यात्रा पर आगे बढ़ रहे कई श्रद्धालुओं के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। भारत, नेपाल और चीन के प्रशासन की ओर से प्रभावित यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और बंद रास्तों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद फंसे महाराष्ट्र के 67 तीर्थयात्रियों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। इन तीर्थयात्रियों के परिवार अपने प्रियजनों की खबर मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बीच वसई-विरार महानगरपालिका के मेयर अजीव पाटील ने बताया कि वसई-विरार क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति नेपाल में हुई इस त्रासदी में फंसा या हताहत नहीं हुआ है। प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लगातार जानकारी जुटाई जा रही है।