New Railway Station Thane Mulund: ठाणे और मुलुंड स्टेशनों के बीच एक नए उपनगरीय रेलवे स्टेशन के निर्माण को हरी झंडी मिल गई है। कुछ ही महीनों में निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। ठाणे स्टेशन रोजाना 6 लाख से अधिक यात्रियों को संभालता है। ऐसे में नया स्टेशन इस बोझ को कम कर यात्रियों को बड़ी राहत देगा।
मुंबई लोकल ट्रेन के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय रेल मंत्रालय ने ठाणे और मुलुंड स्टेशन के बीच एक नए उपनगरीय रेलवे स्टेशन के निर्माण को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस नए स्टेशन के बनने से ठाणे, घोड़बंदर, पोखरण रोड और वागले एस्टेट और आस-पास के इलाके के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस मंजूरी की जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि नया स्टेशन मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) की परिवहन व्यवस्था को और अधिक तेज, सुगम और आधुनिक बनाएगा।
अधिकारिक अनुमान के मुताबिक, नए स्टेशन के शुरू होने के बाद ठाणे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ में करीब 31 प्रतिशत और मुलुंड स्टेशन पर लगभग 24 प्रतिशत की कमी आ सकती है।
फिलहाल ठाणे रेलवे स्टेशन पर रोजाना 6 लाख से ज्यादा यात्री सफर करते हैं, जिसके चलते खासकर पीक आवर्स में यहां भारी भीड़ रहती है। ऐसे में यह नया स्टेशन मध्य रेलवे के सबसे व्यस्त रूट पर राहत देने वाला बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
इस नए स्टेशन का निर्माण विशेष रूप से ठाणे शहर के तेजी से विकसित हो रहे विभिन्न क्षेत्रों के यात्रियों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इस परियोजना की अवधारणा पहली बार वर्ष 2019 में सामने आई थी।
प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य मध्य रेलवे की ओर से किया जाएगा, जबकि इसकी फंडिंग ठाणे स्मार्ट सिटी लिमिटेड करेगी। रेलवे ट्रैक, प्लेटफॉर्म और मुख्य रेल ढांचे का निर्माण रेलवे करेगा, जबकि स्टेशन के आसपास के सर्कुलेटिंग एरिया का काम स्मार्ट सिटी निकाय संभालेगी। नए स्टेशन में यात्रियों की सुविधा के लिए वाहन पार्किंग, डेक और बस टर्मिनल जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
शुरुआत में इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 120 करोड़ रुपये थी, लेकिन अब यह बढ़कर 245 करोड़ रुपये से ज्यादा होने की संभावना है।
यह नया स्टेशन लगभग 14.83 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा, जो मूल रूप से ठाणे मेंटल हॉस्पिटल की थी। बॉम्बे हाई कोर्ट की अनुमति के बाद साल 2023 में यह जमीन रेलवे को ट्रांसफर कर दी गई थी।
जानकारी के अनुसार, ठाणे स्मार्ट सिटी संस्था के पास फंड की कमी होने के कारण यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। बाद में ठाणे के शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने केंद्रीय रेल मंत्रालय से आर्थिक मदद की मांग की थी, जिसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ।
अब सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद मध्य रेलवे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करेगा। जिसके बाद अंतिम स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
गौरतलब हो कि इसी साल मार्च में ठाणे महानगरपालिका (TMC) ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर इस नए स्टेशन का नाम दिवंगत शिवसेना नेता आनंद दिघे (Anand Dighe Station) के नाम पर रखने का निर्णय लिया।