सामना में लिखा गया कि भारत की सैन्‍य शक्‍ति पर पूरा भरोसा है लेकिन...
(मुंबई):शिवसेना ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व पर सवाल उठाया है,पार्टी का कहना है कि उन्हे देश की सैन्य शक्ति पर पूरा भरोसा है लेकिन सेना की बागडोर कमजोर रक्षा मंत्री के हाथों में है।
शहीदों के बलिदान को सलाम
शिवसेना ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ में सेना के जवान औरंगजेब की शहादत पर मुखपत्र सामना के संपादकीय के जरिए निर्मला सीतारमण को सबसे कमजोर रक्षा मंत्री बताते हुए निशाना साधा गया है। वहीं राष्ट्रीय राइफल्स के शहीद जवान औरंगजेब की जमकर प्रशंसा की गई है। सामना में लिखा गया है कि ऐसा औरंगजेब देश के हर मुसलमान के घर पैदा होना चाहिए।
सैन्य शक्ति पर पूरा भरोसा पर नेतृत्व कमजोर हाथों में
सामना में लिखा गया कि भारत की सैन्य शक्ति पर पूरा भरोसा है लेकिन इसका नेतृत्व कमजोर हाथों में है। किसी भी संकट का मुकाबला करने के लिए हमारी फौज हमेशा मुस्तैद रहती है। तीनों सेनाओं के प्रमुख ऐसा कहते रहते हैं, लेकिन कश्मीर में आतंकवादियों का उत्पात देखते हुए क्या वाकई देश में रक्षा मंत्री हैं? ऐसा सवाल मन में उठता है। अत्यंत दुर्बल और निष्क्रिय, बिना चेहरे वाली व्यक्ति को रक्षा मंत्री के पद पर बैठाकर हम देश का नुकसान कर रहे हैं।
देश ने खो दिए दो जवान
गौरतलब है कि 44वीं राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात औरंगजेब ईद से दो दिन पहले छुट्टियों में अपने गांव पुंछ जा रहे थे। वो शादी मार्ग स्थित अपने कैंप से एक अन्य साथी जवान के साथ निकले थे। सड़क पर आकर उन्होंने एक निजि वाहन को हाथ से इशारा कर रूकवाया और शोपियां तक छोड़ने के लिए कहा। 10 बजे के आस पास गाड़ी पुलवामा जिले के कलमपोरा के पास पहुंची। यहां सड़क पर पहले से ही हथियारों से लेस करीब 5 आतंकवादी रास्ते के बीच में खडे थे। इन आतंकियों ने रास्ता रोक दिया। यहां से वो औरंगजेब को अगवा कर अपने साथ सुनसान जगह पर ले गए और उन्हे गोली मार दी।
ईद के दिन कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में सेना के गश्ती दल को निशाना बनाकर आतंकियों ने उस पर गोलीबारी कर दी। इस हमले में विकास गुरूंग शहीद हो गए थे। शहीद विकास गुरूंग गोरखा रेजिमेंट में राइफल मैन के पद पर तैनात थे।